22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Alwar News: बोरवेल में गिरे 7 साल के बालक को बचाया, ये तरकीब आई काम

अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के बुटोली गांव में सोमवार शाम पतंग लूटते समय 7 वर्षीय बालक खुले बोरवेल में गिर गया। करीब 40 फीट की गहराई में फंसे बच्चे को बचाने के लिए छह घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। आखिरकार देर रात बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Rajendra Banjara

•

Updated: 1 Sep 2026, 12:13 PM IST

alwar laxmangarh borewell rescue

करीब 6 घंटे बाद भानु को सुरक्षित बचा लिया गया (फोटो - पत्रिका)

अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के बुटोली गांव में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पतंग लूटते समय 7 साल का बालक खुले बोरवेल में गिर गया। बालक करीब 40 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया था। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब छह घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद देर रात करीब 11 बजे बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

40 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था बच्चा

जानकारी के अनुसार बुटोली गांव निवासी भानु गुर्जर सोमवार शाम करीब 5 बजे पतंग लूटते समय घास से ढंके खुले बोरवेल में गिर गया। बोरवेल के ऊपर घास होने के कारण बच्चे को इसका अंदाजा नहीं हुआ और वह सीधे अंदर जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।


रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले बोरवेल में सीसीटीवी कैमरा उतारकर बच्चे की स्थिति का पता लगाया। भानु करीब 40 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था। बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए बोरवेल में नली डाली गई। इसी नली के जरिए उसे खाना भी पहुंचाया गया, ताकि लंबे रेस्क्यू के दौरान उसकी हालत सामान्य बनी रहे।


मिट्टी ढहने का था सबसे ज्यादा खतरा

बच्चे को बाहर निकालने के लिए चार जेसीबी की मदद से बोरवेल के समानांतर मिट्टी की खुदाई की गई। इसके साथ ही एक सुरंग बनाने का प्रयास भी किया गया। हालांकि बोरवेल में पाइप नहीं होने के कारण मिट्टी ढहने का खतरा लगातार बना हुआ था। ऐसे में रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी के साथ काम किया।

इस दौरान भानु के पिता और चाचा लगातार बोरवेल के अंदर बच्चे को आवाज लगाते रहे। वे उसे हिम्मत देते हुए कहते रहे कि घबराना नहीं, उसे जल्द बाहर निकाल लिया जाएगा। अच्छी बात यह रही कि भानु अंदर से लगातार जवाब देता रहा।


बच्चे की हिम्मत ने दिलाई जीत

बाद में एसडीआरएफ टीम ने बोरवेल में रस्सी डाली। सीसीटीवी कैमरे की मदद से बच्चे की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उसे आवाज देकर रस्सी पकड़ने तथा अपने शरीर से बांधने के लिए कहा गया। भानु ने हिम्मत दिखाते हुए ऐसा ही किया। इसके बाद टीम ने रस्सी की सहायता से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।


बच्चे के बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और खुशी जताई। मौके पर पहले से 108 एम्बुलेंस भी तैनात थी, जिससे बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। भानु के पिता शीशराम गुर्जर मजदूरी करते हैं और भानु पहली कक्षा का छात्र है।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह, एसडीएम मनीषा रेशम, डीएसपी नगेन्द्र सिंह, तहसीलदार मनीष शर्मा और एसएचओ राजेश मीणा सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।