इंद्रदेव ने इस बार जिले पर जमकर मेहर बरसाई है। इसे चलते बारिश ने पिछले 24 साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक जिले में 901 मिमी बारिश हुई है। इससे पहले 2008 में 847 मिमी और 2003 में 816 मिमी पानी बरसा था।
अलवर.
इंद्रदेव ने इस बार जिले पर जमकर मेहर बरसाई है। इसे चलते बारिश ने पिछले 24 साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक जिले में 901 मिमी बारिश हुई है। इससे पहले 2008 में 847 मिमी और 2003 में 816 मिमी पानी बरसा था। अभी बारिश का दौर चल रहा है, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार बरसात नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।
जिले की औसत बारिश 555 मिमी है और एक जून से अब तक जिले में 901 मिमी पानी बरसा चुका है। छोटे-बड़े बांधों की संख्या 129 है। इसमें सिंचाई विभगा के 22 में से 13 बांधों में पानी की आवक हुई है। सिलीसेढ़ और मानसरोवर बांध में पिछले 20 दिनों से चादर चल रही है। सिलीसेढ़ का पानी लगातार अलवर की लाइफलाइन जयसमंद बांध में पहुंच रहा है।
अलवर में अब तक कुल 8192 मिमी पानी बरसा है। सबसे ज्यादा बारिश 1086 मिमी बहादुरपुर, राजगढ़ में 1028, थानागाजी में 1086 मिमी हुई है। अलवर शहर में 846, रामगढ़ में 909, लक्ष्मणगढ़ 784, कठूमर 954, मालाखेड़ा 921 और गोविन्दगढ़ में 809 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
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बारिश के चलते इस बार जिले में बरसों से सूखे पड़े कुओं में भी पानी की आवक हुई है। पानी भी इतना ज्यादा आया है कि लोग बिना रस्सी की मदद से ही पानी निकाल रहे हैं। भूमिगत जलस्तर भी ढाई मीटर तक बढ़ा है। उम्मीद है कि जलस्तर में और ज्यादा बढ़ोतरी होगी।