रामगढ़ में 300 फीट ऊंचा पहाड़ दरकने से पोकलेन ऑपरेटर 100 फीट गहरी खाई में मलबे में दब गया। करीब 50 हजार टन मलबा और पानी होने से रेस्क्यू ऑपरेशन करना मुश्किल हो रहा है।
Alwar Landslide: राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ स्थित ओडेला गांव में एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। यहां एक निजी खनन लीज (संख्या-414) में अचानक पहाड़ का एक विशाल हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
बता दें कि इस हादसे में करीब 50 हजार टन पत्थर और मलबा सीधे 300 फीट नीचे काम कर रही पोकलेन मशीन पर जा गिरा। हादसा शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे हुआ, जब बक्सर (बिहार) निवासी ऑपरेटर रामानंद तिवारी पोकलेन मशीन से काम कर रहा था।
चश्मदीदों के मुताबिक, एक जोरदार धमाके के साथ पहाड़ दरका और रामानंद मशीन समेत 100 फीट गहरी, पानी से भरी खाई में समा गया। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
गोल घेरे में मौजूद युवक दबा
रेस्क्यू में 'चुनौतियों का पहाड़' प्रशासन को सूचना मिलने के बाद तहसीलदार अंकित गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन अंधेरे और दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण रात को रेस्क्यू शुरू नहीं हो सका।
शनिवार सुबह नौ बजे से NDRF और SDRF की टीमें गोताखोरों के साथ तैनात हैं। हालांकि, भारी मलबा और खाई में भरा पानी ऑपरेटर तक पहुंचने में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। 12 घंटे बीत जाने के बाद भी केवल सन्नाटा और पत्थर ही नजर आ रहे हैं।
फरार हुए लीज संचालक ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह माइंस आधिकारिक रूप से बंद थी, फिर भी रात के अंधेरे में नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन जारी था। हादसे के तुरंत बाद लीज संचालक मौके से फरार हो गया है, जो इन आरोपों को और पुख्ता करता है।
तहसीलदार अंकित गुप्ता का कहना है कि खनन विभाग की रिपोर्ट के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्या यह सिर्फ एक हादसा है या 'सिस्टम' की लापरवाही से हुई हत्या? यह जांच का विषय है।