
राजस्थान में मेडिको-लीगल सेवाओं को अधिक व्यवस्थित, वैज्ञानिक और न्यायिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में पहली बार मेडिको-लीगल कार्यों के लिए एकीकृत एवं मानकीकृत मैनुअल लागू किया गया है। इसके तहत अब प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सालयों में मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक समान प्रारूप में तैयार की जाएंगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में परिपत्र जारी कर सभी चिकित्सा अधिकारियों को नए मैनुअल के अनुसार पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से चिकित्सा विज्ञान और न्याय व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा मेडिको-लीगल रिपोर्ट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार आएगा। अब तक प्रदेश में मेडिको-लीगल कार्यों के लिए कोई एकीकृत मैनुअल उपलब्ध नहीं था।
इसके चलते अलग-अलग चिकित्सालयों में रिपोर्ट तैयार करने के अलग-अलग प्रारूप अपनाए जा रहे थे। कई मामलों में रिपोर्ट की असमानता और तकनीकी कमियों का फायदा आरोपियों को मिलने की संभावना बनी रहती थी। नई व्यवस्था से इन कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
मेडिको-लीगल कार्यों में एकरूपता लाने के लिए राज्य सरकार ने विशेषज्ञों की एक ड्राफ्ट समिति गठित की थी। समिति ने करीब 11 माह तक केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय आदेशों, न्यायालयों की टिप्पणियों, विधिक प्रावधानों और व्यावहारिक अनुभवों का अध्ययन किया। इसके बाद तैयार मैनुअल का न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन विभाग और अन्य संबंधित पक्षों से परीक्षण एवं सत्यापन कराया गया।
सुझावों को शामिल करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। यह मैनुअल राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों और भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
चिकित्सा विभाग राजस्थान ने मेडिकोलीगल मैनुअल-2025 लागू किया है। जिससे पीएचसी से लेकर मेडिकल कॉलेज स्तर तक के सभी चिकित्सालयों में मेडिकोलीगल केसेज की रिपोर्ट एक समान प्रारूप में तैयार की जाएगी, जो पहले से अधिक पारदर्शी, न्यायिक रूप से मजबूत, विधिसम्मत, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण होगी। इससे चिकित्सकों, पुलिस व पीड़ित को वर्तमान में आने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी - डॉ. पीसी सैनी, वरिष्ठ विशेषज्ञ, सामान्य चिकित्सालय अलवर