अलवर के दौलतपुरा गांव में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही के कारण 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन में फाल्ट आ गया। इस वजह से लोहे के पोल में फैले करंट की चपेट में आने से एक ग्रामीण की भैंस की तड़प-तड़पकर मौके पर ही मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने समय पर अधिकारियों के न पहुंचने पर राजगढ़-टहला मुख्य सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया।
राजगढ़-टहला सड़क मार्ग पर स्थित दौलतपुरा गांव में रविवार को बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से एक बड़ा हादसा हो गया। गांव के पास से गुजर रही 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन का इंसुलेटर अचानक पंचर हो गया। इंसुलेटर खराब होने के कारण बिजली का चालू तार सीधे लोहे के वी-क्रॉस से टकरा गया, जिससे पूरे लोहे के पोल में तेज करंट दौड़ने लगा। इसी दौरान गांव के रहने वाले राजूराम बैरवा की भैंस वहां से गुजर रही थी और वह अनजाने में इस करंट वाले पोल के संपर्क में आ गई।
लोहे के खंभे में करंट इतना जोरदार था कि भैंस को संभलने का मौका भी नहीं मिला और उसकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। भैंस की मौत होते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने सजगता दिखाते हुए इस पूरी घटना की सूचना स्थानीय बिजली विभाग के कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को दी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाएंगे और लाइन को ठीक करवाएंगे, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी जब बिजली विभाग या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैए से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने राजगढ़-टहला मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होने की वजह से मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़क मार्ग पर चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही टहला तहसीलदार प्रवीण कुमार तुरंत पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ पुलिस सब इंस्पेक्टर दौलत सिंह भी अपनी टीम के साथ वहां आए। अधिकारियों ने सबसे पहले गुस्साए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें शांत कराया। तहसीलदार ने पीड़ित पशुपालक राजूराम बैरवा को बिजली विभाग की तरफ से उचित मुआवजा दिलवाने और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा भरोसा दिया। अधिकारियों के इस ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब आधे घंटे से लगा जाम खोलने के लिए राजी हुए।
इसके बाद मौके पर पशु चिकित्सक डॉ. मोहन लाल मीना ने मृत भैंस के सम्बन्ध में मेडिकल रिपोर्ट तैयार की ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली के तार और पोल काफी पुराने हो चुके हैं, जिनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सभी ढीले तारों और खराब इंसुलेटरों को बदलने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी इंसान की जान पर बात न आए।