अलवर

रकबर मामले में पुलिस अधीक्षक से मिले परिजन, कर डाली यह मांग

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Updated: 14 Aug 2018, 10:06 AM IST
Rakbar's Parents Meet Alwar Sp To Arrest accused of Alwar Mob Lynching
रकबर मामले में पुलिस अधीक्षक से मिले परिजन, कर डाली यह मांग

अलवर. रामगढ़ के ललावंडी में पीट-पीटकर रकबर की हत्या के मामले में सोमवार को परिजन और काफी संख्या में लोग जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह से मिले। उन्होंने हत्या में लिप्त फरार मुल्जिमों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए और ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द मुल्जिमों गिरफ्तार करने की मांग की।

जिला कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक) के जिलाध्यक्ष जमशेद खान के नेतृत्व में मृतक रकबर के परिजन और काफी संख्या में समाज के लोग सोमवार दोपहर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। खान ने बताया कि परिवादी द्वारा पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। जहां भी जांच अधिकारी बुलाते हैं पीडि़त परिवार वहां हाजिर हो जाता है। इसके बावजूद भी पुलिस मामले में तत्परता से कार्रवाई नहीं कर रही है।

साथ ही उक्त प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही बयानबानी पर अंकुश लगाने की मांग की। जिससे कि जिले में माहौल खराब नहीं हो। इस पर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें प्रकरण में शीघ्रता से उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस दौरान शिफात मैनेजर, मौलाना हनीफ, मुंशी खां, उमरैण ब्लॉक अध्यक्ष इरशाद एडवोकेट, अमजद एडवोकेट, सिराज एडवोकेट, शब्बीर एडवोकेट सहित हरियाणा से रकबर इंसाफ कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।

विदेशी मीडिया में भी बनी मॉब लिंचिंग की सुर्खियां

मॉब लिंचिंग की घटनाएं विदेशी मीडिया में भी सुर्खियां बनी हैं। राजस्थान के अलवर में हुई रकबर की हत्या संसद में भी गूंजी। आरोप है कि अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र में कथित गोरक्षकों ने रकबर की बुरी तरह पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। ये बात भी सामने आई है कि रकबर को अस्पताल ले जाने में पुलिस ने कोताही बरती। पुलिस कोई तीन घंटे बाद रकबर को पास के सरकारी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दुनिया के प्रमुख अखबारों ने अपने-अपने अंदाज में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

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