विश्व प्रसिद्ध सरिस्का टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद रोमांचक खबर आई है। सरिस्का के अलवर बफर वन क्षेत्र में बाघिन एसटी-19 अपने चार नन्हे शावकों (बच्चों) के साथ घूमती हुई दिखाई दी है। एक साथ पांच बाघों को देखकर जहां पर्यटक गदगद हैं, वहीं वन विभाग ने सुरक्षा को लेकर कड़ा अलर्ट जारी किया है।
अपनी खूबसूरती और बाघों के लिए दुनियाभर में मशहूर सरिस्का में इस समय बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। मौजूदा समय में सिर्फ अलवर बफर वन क्षेत्र में ही कुल 11 बाघ, बाघिन और शावकों का मूवमेंट बना हुआ है। हाल ही में वन विभाग की मॉनिटरिंग टीम को बाघिन एसटी-19 अपने चार शावकों के साथ बारा लिवारी, श्योदानपुरा, फायरिंग रेंज और जम्मुशाना के जंगलों में अठखेलियां करती हुई नजर आई है।
इसके अलावा एक और बाघिन एसटी-2302 भी अपने दो शावकों के साथ बाला किला, अंधेरी चौड़ की होदी, किशन कुंड नाला और जयविलास के आसपास के जंगलों में लगातार विचरण कर रही है।
एक साथ इतने टाइगर दिखने से सरिस्का प्रशासन बेहद सतर्क हो गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि इन वन क्षेत्रों में पैदल घूमना, सुबह-शाम सैर करना या ट्रेकिंग करना पूरी तरह जानलेवा साबित हो सकता है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, जब बाघिन अपने छोटे बच्चों (शावकों) के साथ होती है, तो वह उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील और अत्यधिक हिंसक हो जाती है। ऐसे में इंसानों की थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे या मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्योता दे सकती है।
प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए शहरवासियों, ट्रैकर्स और पैदल घूमने वाले लोगों से सख्त अपील की है। वन विभाग ने कहा है कि कोई भी नागरिक जंगल की सीमा में अवैध रूप से प्रवेश न करे। साथ ही, राज्य सरकार और वन विभाग की ओर से समय-समय पर जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करें।
आपको बता दें कि सरिस्का में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार अब सरिस्का में बाघों की कुल संख्या 50 से अधिक हो चुकी है, जिससे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी का माहौल है। बाघों की संख्या में यह बढ़ोतरी संरक्षण प्रयासों और बेहतर वन प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम मानी जा रही है।
वन अधिकारियों का कहना है कि सरिस्का में लगातार मॉनिटरिंग, सुरक्षा व्यवस्था और शिकार पर रोक के कारण बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या से सरिस्का पर्यटन को भी नया बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अपनी इसी खासियत की वजह से यह रिजर्व देसी और विदेशी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है और हर साल यहां बड़ी संख्या में सैलानी बाघों का दीदार करने आते हैं। लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता बन गई है।