अलवर

नए साल का पहला सावा 23 जनवरी को बसंती पंचमी का, फिर शुक्र उदय के साथ गूंजेगी शहनाई

फरवरी में फुलेरा दोज सहित अन्य सावों के चलते रहेगी शादियों की धूम पुष्य नक्षत्र में हुई सावों की खरीदारी अलवर. मकर संक्रांति के बाद मलमास का समापन हो जाएगा। जनवरी माह में बसंत पंचमी पर इस साल का पहला सावा 23 जनवरी को रहेगा। इस दिन अबूझ सावा रहने से शादियों की धूम रहेगी […]

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Jan 06, 2026

फरवरी में फुलेरा दोज सहित अन्य सावों के चलते रहेगी शादियों की धूम

पुष्य नक्षत्र में हुई सावों की खरीदारी

अलवर. मकर संक्रांति के बाद मलमास का समापन हो जाएगा। जनवरी माह में बसंत पंचमी पर इस साल का पहला सावा 23 जनवरी को रहेगा। इस दिन अबूझ सावा रहने से शादियों की धूम रहेगी लेकिन शुक्र अस्त होने के कारण अन्य दिनों में विवाह नही हो पाएंगे। लेकिन फरवरी माह में शुक्र उदय के बाद शादियों की धूम रहेगी।

ज्योतिषाचार्य तपेश अवस्थी ने बताया कि जनवरी माह में मलमास और शुक्र अस्त के कारण शादियों पर विराम रहेगा, लेकिन 1 फरवरी को शुक्र ग्रह के उदय के साथ ही विवाह आयोजनों की शुरुआत हो जाएगी। लेकिन 14 जनवरी तक मलमास रहेगा, इसके बाद 31 जनवरी तक शुक्र अस्त रहने से इस अवधि में विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं है। हालांकि 23 जनवरी को बसंत पंचमी का अबूझ सावा रहेगा।फरवरी माह में सर्वाधिक शुभ तिथियां है। 19 फरवरी को फुलेरा दूज का अबूझ सावा भी रहेगा। इसके अलावा मार्च और अप्रैल में भी विवाह के मुहूर्त रहेंगे। लेकिन ज्येष्ठ माह में अधिक मास होने से विवाह पर फिर से विराम लग जाएगा। मार्च व अप्रेल में भी विवाह मुहूर्त है।

अधिक मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा

इस बार ज्येष्ठ माह में अधिक मास लग रहा है। जो कि 17 मई से 15 जून तक रहेगा। अधिक मास को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है, ऐसे में मई-जून के दौरान विवाह, गृह प्रवेश व अन्य मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इसका सीधा असर शादी-विवाह की तारीखों पर पड़ेगा और लोग अपने आयोजन अप्रैल से पहले या फिर अधिक मास समाप्त होने के बाद तय करेंगे। शुभ मुहूर्तों की समय सीमा सीमित होने के चलते पार्लर, मैरिज गार्डन, होटल, कैटरर्स और बैंड-बाजों की अग्रिम बुकिंग तेज हो गई है।

पुष्य नक्षत्र में सावे के लिए हुई खरीदारीमाघ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि पर सोमवार का दिन खरीदारी के लिए बहुत खास रहा। इस दिन पुष्य नक्षत्र होने से सावों के लिए खरीदारी हुई। इसके चलते रेडीमेड कपडे, सर्राफा, वस्त्र, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक बाजार में दिन भर चहल पहल रही। होपसर्कस, वीर चौक, मालन की गली, बजाजा बाजार में रौनक रही। व आसपास के बाजारों में वाहनों की लंंबी कतार लगी रही।

पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में सबसे शुभ माना जाता है यह नक्षत्र पोषण देने वाला और स्थायित्व प्रदान करने वाला माना गया है। यही कारण है कि इसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है। इसलिए इस बार माघ माह, सोमवार और पुष्य नक्षत्र यह तीनो का त्रियोग आज के दिन को विशेष रूप से प्रभावशाली बना दिया।

Updated on:
06 Jan 2026 12:00 pm
Published on:
06 Jan 2026 11:59 am
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