अलवर

पुजारी महासंघ ने निकाली भव्य कलश यात्रा: भक्ति और उल्लास के साथ हुआ हिंदू नव संवत्सर का स्वागत

अलवर शहर में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत एक बार फिर जीवंत हो उठी जब हिंदू नव संवत्सर के पावन अवसर पर राजस्थान पुजारी महासंघ की ओर से भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई।

2 min read
Mar 19, 2026
कलश यात्रा (फोटो - पत्रिका)

अलवर शहर में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत एक बार फिर जीवंत हो उठी जब हिंदू नव संवत्सर के पावन अवसर पर राजस्थान पुजारी महासंघ की ओर से भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में सनातन धर्म प्रेमियों ने भाग लेकर नए साल का स्वागत पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया।

ये भी पढ़ें

नवरात्र शुरू, करणी माता मेले का आयोजन; टाइगर टेरिटरी में श्रद्धालुओं के लिए सख्त नियम लागू

भक्तिमय माहौल में गूंजे जयकारे

पुजारी महासंघ के तत्वावधान में आयोजित यह मंगल कलश यात्रा गुरुवार सुबह शहर के ऐतिहासिक जगन्नाथ महाराज के मंदिर से शुरू हुई। यात्रा के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। इस्कॉन मंडली की ओर से किए जा रहे हरे रामा-हरे कृष्णा के संकीर्तन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। केसरिया ध्वज लहराते हुए और मधुर भजनों की लहरों के बीच निकली इस शोभायात्रा ने शहर के मुख्य मार्गों को श्रद्धा के रंग में सराबोर कर दिया।

इन मार्गों से गुजरी यात्रा

जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर यह कलश यात्रा त्रिपोलिया, होपसर्कस और पंसारी बाजार जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरी। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का जोरदार स्वागत किया। कलश यात्रा का समापन राजर्षि अभय समाज पर हुआ, जहाँ सभी भक्तों ने नव संवत की मंगल कामना की।

कलश यात्रा के साथ ही शहर में चैत्र नवरात्र का पर्व भी पूरे विधि-विधान से शुरू हो गया है। गुरुवार को शहर के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई, जहाँ माता का विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना की गई। घर-घर में घट स्थापना के साथ श्रद्धालुओं ने नौ दिनों के कठिन व्रत और साधना का संकल्प लिया।


ज्योतिष गणना के अनुसार इस वर्ष घट स्थापना के लिए सुबह के समय को विशेष महत्व दिया गया। विद्वानों के अनुसार द्विस्वभाव मीन लग्न सुबह 6.54 से 7.50 तक और मिथुन लग्न सुबह 11.24 से दोपहर 1.38 तक घट स्थापना के लिए सबसे श्रेष्ठ समय रहा। शहर के विभिन्न मंदिरों में इन्हीं शुभ मुहूर्तों में विशेष अनुष्ठान संपन्न किए गए। आगामी नौ दिनों तक शहर के वातावरण में मां दुर्गा की आराधना की गूंज सुनाई देगी। पुजारी महासंघ ने इस आयोजन को सनातन संस्कृति के गौरव को बढ़ाने वाला कदम बताया है।

Published on:
19 Mar 2026 12:34 pm
Also Read
View All

अगली खबर