
बाला किला के नीचे स्थित सरिस्का बफर जोन के जंगल में करणी माता मेला गुरुवार से शुरू हो गया। चैत्र नवरात्र के साथ आरंभ हुए इस मेले में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, हालांकि मंदिर तक जाने वाला मार्ग अब भी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया है।
गुरुवार को प्रदेश के मंत्री संजय शर्मा ने करणी माता मंदिर सहित चक्रधारी हनुमान मंदिर और बाला किला स्थित राम मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। उन्होंने नव संवत्सर और नवरात्र की शुभकामनाएं भी दीं।
पिछले वर्ष भारी बारिश के कारण करणी माता मंदिर का रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। करीब 9 महीने बीत जाने के बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग सड़क की मरम्मत पूरी नहीं कर सका है। इसके बावजूद प्रशासन ने मेले के मद्देनजर सीमित शर्तों के साथ श्रद्धालुओं को मंदिर जाने की अनुमति दी है।
यह क्षेत्र टाइगर टेरिटरी में आता है, जहां पिछले कुछ महीनों में कई बाघ-बाघिनों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सड़क छोड़कर जंगल में जाने की सख्त मनाही की गई है। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित मार्ग से सीधे मंदिर तक जाने में कोई खतरा नहीं है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है।
मार्ग की खराब स्थिति को देखते हुए केवल दोपहिया वाहनों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। एक वाहन पर अधिकतम दो लोग ही सवार हो सकेंगे और हेलमेट पहनना अनिवार्य रहेगा। जहां सड़क पूरी तरह टूटी हुई है, वहां बैरिकेडिंग कर दी गई है और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। चारपहिया वाहनों को वन विभाग के नाके पर ही रोक दिया जा रहा है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर वन विभाग और पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। वन विभाग के कर्मचारी 24 घंटे गश्त कर रहे हैं, जबकि चिकित्सा विभाग की तीन टीमें अलग-अलग शिफ्ट में तैनात की गई हैं।
इसके अलावा, डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है तथा प्लास्टिक के उपयोग को भी रोका गया है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने अपील की है कि सभी श्रद्धालु नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित दर्शन करें।
Updated on:
19 Mar 2026 12:26 pm
Published on:
19 Mar 2026 11:59 am
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