
तुलिका व छवि। पत्रिका फाइल फोटो
अलवर। स्कीम नंबर 10, जैन मंदिर मोड़ पर कार की टक्कर से एक ई-रिक्शा पलट गया। हादसे में ई-रिक्शा पर सवार 12 वर्षीय छात्रा छवि की मौत हो गई। वह अपनी बड़ी बहन चेष्टा के साथ स्कीम नंबर एक स्थित बाल भारती स्कूल से घर लौट रही थी। दोनों ई-रिक्शा पर सवार थीं। छवि 7वीं क्लास में पढ़ती थी और चेष्टा 10वीं क्लास की छात्रा है। इनके पिता प्रमोद कुमार खत्री इलेक्ट्रीशियन हैं। इनका परिवार स्कीम नंबर 10 में रहता है।
शनिवार सुबह दोनों बहनें छवि और चेष्टा एक साथ स्कूल गईं और छुट्टी के बाद ई-रिक्शा से घर लौट रही थीं। जैसे ही ई-रिक्शा जैन मंदिर मोड़ की तरफ मुड़ा, तभी अंबेडकर नगर से जेल सर्किल की ओर जा रही एक कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। ई-रिक्शा पलट गया और छवि उछलकर उसके नीचे दब गई।
हादसे में छवि के सिर और नाक पर गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत सामान्य अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, उसकी बड़ी बहन चेष्टा और ई-रिक्शा चालक को कोई चोट नहीं आई। कोतवाली थाने के एएसआइ होशियार सिंह ने बताया कि हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है। चेष्टा इस घटना से बुरी तरह घबरा गई, जिस कारण वह घटना के बारे में पुलिस को स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बता पाई।
इस दर्दनाक हादसे का सीसीटीवी में कैद एक वीडियो सामने आया है। इसमें ई-रिक्शा और कार नजर आ रहे हैं। इसमें कार की स्पीड ज्यादा नजर नहीं आ रही। स्कीम 10 जैन मंदिर मोड़ पर कार टर्न ले रहे ई-रिक्शा को टक्कर मार देती है। ई-रिक्शा पलट जाता है और छवि उछलकर उसके नीचे दब जाती है।
अलवर में हुए इस हादसे ने लोगों को अगस्त-2025 में मन्नी का बड़ पर हुए दर्दनाक हादसे की याद दिला दी। उस दिन बाइक की टक्कर से ई-रिक्शा पलटने से ताइक्वांडो की होनहार खिलाड़ी तुलिका की मौत हो गई थी। तुलिका वह अपनी मां के साथ स्पोर्ट्स क्लास जॉइन कर घर लौट रही थी। शनिवार को 7वीं कक्षा की छात्रा 12 साल की छवि ने इस दुनिया को अलविदा कर दिया। इत्तेफाक से तुलिका और छवि दोनों ई-रिक्शे पर सवार थीं। इन दोनाें हादसों में कई समानताएं हैं। बस तारीख अलग-अलग है। छवि की मौत शनिवार को स्कीम 10, जैन मंदिर मोड़ पर उस वक्त हुई, जब वह ई-रिक्शा से अपनी बहन के साथ स्कूल से घर लौट रही थी। जिस ई-रिक्शा पर छवि और उसकी बहन सवार थीं, उसे एक कार चालक ने टक्कर मार दी।
इन दोनों दर्दनाक हादसों ने शहर में तेजी से फैलते ई-रिक्शा के जाल को कठघरे में खड़ा कर दिया है। दरअसल, अलवर शहर में ई-रिक्शा का बढ़ता दायरा सुविधाजनक कम और खतरनाक ज्यादा साबित हो रहा है। ई-रिक्शा को लेकर कई बार नियम-कायदे बने, लेकिन पालना नहीं हो रही। शहर की सड़कों व बाजारों में प्रतिदिन लगने वाले जाम की एक बड़ी वजह ई-रिक्शा ही हैं। कार-बाइक समेत अन्य वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगाने में भी हमारा सिस्टम नाकाम साबित हो रहा है।
ई-रिक्शा को टक्कर मारने वाली सफेद कलर की कार की पहचान कर ली गई है। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि यह कार बहाला क्षेत्र की है। कार मालिक ने इसे किसी कंपनी में लगाया हुआ है।
-होशियार सिंह, एएसआइ, कोतवाली थाना
Updated on:
03 May 2026 11:48 am
Published on:
03 May 2026 11:48 am
