
हाथी पर सवार होकर पूरी की तोरण की रस्म
राजस्थान की शादियाँ अपनी भव्यता और अनूठी परंपराओं के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। ऐसा ही एक शाही नज़ारा अलवर जिले के पिनान क्षेत्र के झाकड़ा गांव में देखने को मिला, जहाँ एक दूल्हे ने अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए पुरानी राजसी परंपराओं को पुनर्जीवित कर दिया। भारतीय सेना में कार्यरत दूल्हे ने हाथी पर सवार होकर 'तोरण' की रस्म अदा की, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
इस शाही एंट्री के लिए दूल्हे मोंटी सिंह चौहान ने विशेष रूप से राजधानी जयपुर से हाथी मंगवाया था। डिजिटल युग में जहाँ लोग लग्जरी गाड़ियों का रुख कर रहे हैं, वहीं मोंटी ने गजराज की सवारी को चुना। जानकारी के अनुसार इस हाथी के लिए हाथी मालिक को 1.80 लाख रुपए का भुगतान किया गया। सजे-धजे हाथी पर जब फौजी दूल्हा सवार होकर निकला, तो पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया।
हरियाणा के तेजू का नंगला निवासी मोंटी सिंह चौहान भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहे हैं। मोंटी की शादी झाकड़ा गांव के रहने वाले सूबेदार सिंह की सुपुत्री के साथ तय हुई थी। जब मोंटी बारात लेकर वधु पक्ष के द्वार पर पहुंचे, तो उनके शाही अंदाज ने सबका मन मोह लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे दूल्हे ने हाथी की ऊंचाई से तोरण मारते हुए अपनी शादी की शुरुआत की।
दूल्हे के पिता सुरेंद्र सिंह ने इस भव्य आयोजन के पीछे का उद्देश्य साझा करते हुए बताया कि वे नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना चाहते थे। उन्होंने कहा की राजस्थान की संस्कृति और राजपूतों की गौरवशाली परंपरा को बरकरार रखने के लिए हमने हाथी पर तोरण की रस्म निभाने का निर्णय लिया। यह सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि अपनी विरासत के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक तरीका है।
शादी में आए मेहमानों और गांव वालों ने इस पल को अपने कैमरों में कैद कर लिया। हाथी पर सवार दूल्हे के वीडियो और फोटो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। झाकड़ा गांव में हुई यह शादी क्षेत्र में अपने अनोखे अंदाज के लिए याद रखी जाएगी।
Published on:
03 May 2026 12:43 pm
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