
शाहजहांपुर के पास लगाए गए हाई-टेक कैमरे और गेंट्री सिस्टम, जहां से बिना रुके टोल वसूली की जाएगी। फोटो पत्रिका
MLFF System : बहरोड़. जयपुर और दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस व्यस्ततम हाईवे को अब ‘मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग’ (एमएलएफएफ) सिस्टम से लैस करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वाहन बिना रुके ही टोल का भुगतान कर सकेंगे। नई तकनीक से लैस यह सिस्टम न सिर्फ यात्रा को तेज और आसान बनाएगा, बल्कि जाम, ईंधन खर्च और प्रदूषण को भी कम करने में बड़ा रोल निभाएगा।
इस परियोजना के तहत प्रमुख टोल प्लाजा दौलतपुरा, शाहजहांपुर व मनोहरपुर पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। एक टोल प्लाजा पर करीब 300 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके अलावा गुजरात और हरियाणा के कुछ टोल भी इस योजना में शामिल हैं।
अगर वाहन के फास्टैग में बैलेंस नहीं हुआ तो तुरंत ई-नोटिस जारी किया जाएगा। समय पर भुगतान नहीं करने पर वाहन को आरटीओ पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा, जिससे रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर और पीयूसी जैसे कार्य प्रभावित होंगे।
यह आधुनिक तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) पर आधारित है, जिसका इस्तेमाल दुबई, सिंगापुर और अमेरिका जैसे देशों में पहले से किया जा रहा है। राजस्थान में पहली बार इसे जयपुर-दिल्ली हाईवे पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है।
टोल प्लाजा पर अब बैरियर नहीं होंगे, बल्कि सड़क के ऊपर ‘गेंट्री’ लगाए जाएंगे।
पहली गेंट्री - सेंसर, एएनपीआर कैमरे और एलआईडीआर तकनीक वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर उसकी श्रेणी तय करेंगे।
स्वचालित भुगतान - चलते वाहन से ही फास्टैग के जरिए टोल शुल्क कट जाएगा।
200 किमी प्रति घंटा तक क्षमता : तेज रफ्तार वाहनों को भी सिस्टम आसानी से पहचान सकेगा।
दूसरी गेंट्री - भुगतान की पुष्टि करेगी।
सिस्टम के लिए हार्डवेयर इंस्टॉलेशन का कार्य जारी है और हाई-टेक कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है। अक्टूबर तक ट्रायल शुरू होने और साल के अंत तक इसे पूरी तरह लागू करने की योजना है। अगले पांच वर्षों तक संचालन की जिम्मेदारी एक निजी टेलीकॉम कंपनी को सौंपी गई है।
महेंद्र चावला, क्षेत्रीय प्रबंधक, एनएचएआइ
Published on:
03 May 2026 08:28 am
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