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Rajasthan High Court : सचिन पायलट सहित 19 कांग्रेस विधायकों को बड़ी राहत, राजस्थान हाईकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज की

Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित 19 विधायकों की अयोग्यता से सम्बन्धित विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस से जुड़ा विवाद खारिज करने पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया। जानें पूरा मामला।

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Sachin Pilot including 19 Congress MLAs Big relief Rajasthan High Court dismissed petition

कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट। फोटो - ANI

Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित 19 विधायकों की अयोग्यता से सम्बन्धित विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस से जुड़ा विवाद खारिज करने पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जो मुद्दे उठाए गए थे, वे अब एकेडमिक रह गए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश शुभा मेहता की खंडपीठ ने मोहनलाल नामा की पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने इस मामले से संबंधित याचिका को सारहीन मानते हुए निस्तारित कर दिया था।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विमल चौधरी ने कोर्ट को बताया कि 19 दिसंबर, 2023 को आदेश पारित करते समय याचिकाकर्ता को उसका पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। इसके अलावा हाईकोर्ट ने पूर्व में दलबदल, व्हिप जारी करने का दायरा, विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियां और न्यायिक समीक्षा सहित कुल 13 विधिक बिंदु तय किए थे, जिनको तय किए बिना ही याचिका सारहीन बताकर निस्तारित कर दी गई।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा कि विधायकों के इस्तीफे से जुड़े मामले में नेता प्रतिपक्ष रहे राजेन्द्र राठौड़ की याचिका पर भी हाईकोर्ट विधिक बिंदु पर सुनवाई कर रहा है, जबकि उस मामले में भी विवाद समाप्त हो चुका है। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने नोटिस की क्रियान्विति पर अंतरिम रोक के हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की, जो अभी लंबित है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए 19 दिसंबर 2023 के अदालती आदेश पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए और विधिक बिंदु को मौन नहीं छोड़ना चाहिए।

वर्ष 2020 में बढ़ गई थी सियासी हलचल

वर्ष 2020 में सचिन पायलट सहित 19 विधायक मानेसर के रिसॉर्ट में चले गए थे। उन पर तत्कालीन मुख्यमंत्री के लिए सियासी संकट पैदा करने के आरोप लगे थे। इसके बाद तत्कालीन सत्तापक्ष के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत की, जिसमें इन विधायकों पर पार्टी की ओर से जारी व्हिप की अवहेलना का आरोप लगाया गया। ये विधायक 13 व 14 जुलाई 2020 को जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी शामिल नहीं हुए।

इस पर तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने इन विधायकों को 15 जुलाई 2020 को नोटिस जारी किया, जिसमें पूछा कि क्यों न पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाए। प्रभावित विधायकों ने इस नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।