
राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय ने चार माह पहले निर्णय लिया था कि छात्रों की समस्याओं का समाधान शिविरों के जरिए होगा लेकिन आज तक विश्वविद्यालय की ओर से शिविर नहीं लगाए गए। छात्र आज भी हर सीट तक पहुंचकर अपनी समस्याएं दर्ज करा रहे हैं लेकिन उनका निदान नहीं हो पा रहा है। विश्वविद्यालय में बॉम की बैठक हुई थी। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह एक तिथि निश्चित तिथि पर विद्यार्थियों की समस्याओं को हल करने के लिए राहत शिविर लगाया जाएगा। अब ये कागजों में दफन हो गया है। जिससे छात्र परेशान हैं।
अब तक नियुक्त नहीं किया लोकपाल: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से सभी सरकारी और गैर सरकारी विश्वविद्यालयों में लोकपाल नियुक्त करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से लोकपाल नियुक्त नहीं करने के कारण विश्वविद्यालय को डिफाल्टर घोषित भी किया गया है। अगर विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के हित में लोकपाल नियुक्त करता है तो विद्यार्थी अपनी हर समस्याएं बता पाएंगे।
पोर्टल जरूर शुरू हुआविश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों की समस्याओं को हल करने के लिए विश्वविद्यालय पोर्टल पर विद्यार्थी अपनी समस्याएं दर्ज करवा सकते हैं। विद्यार्थियों को कहना है कि ऑनलाइन समस्या दर्ज कराने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नहीं सुना जाता है। ऑनलाइन पोर्टल पर विद्यार्थी अपनी समस्या बताने से कतराते हैं। अगर ऑफलाइन विद्यार्थियों की फरियाद सुनी जाए तो विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है। इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों से बात करनी चाही लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।