अलवर

Video : राजस्थान का सिंहद्वार शाहजहांपुर टोल : जब रोड ही टूटा है तो टोल किस बात का

वाहन चालकों ने प्लाजा पर आकर टोल देने से मना कर दिया। साफ कहा कि रोड तो जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं। फिर टोल शुल्क क्यूं दें।

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Aug 31, 2017
road damage in delhi-jaipur highway why pay toll

धर्मेन्द्र यादव. सतपाल यादव. बहरोड़ अलवर.

रोजाना करीब एक करोड़ रुपए टोल टैक्स वाले शाहजहांपुर प्लाजा पर अब जनता टोल देने से मना करने लगी हैं। वाहन चालकों की ओर से टोल नहीं चुकाने का कारण भी वाजिब है। जब रोड ही टूटी पड़ी है तो टोल किस बात का। जबकि सरकार वाहन खरीदते समय भी रोड टैक्स लेती है।

पिछले करीब 10 दिनों में शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर एेसी दो-तीन घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें वाहन चालकों ने प्लाजा पर आकर टोल देने से मना कर दिया। साफ कहा कि रोड तो जगह-जगह से टूटी पड़ी हैं। फिर टोल शुल्क क्यूं दें। जयपुर के जागरूक निवासी अमित शर्मा लियो ने टोल देने से मना किया तो उसके साथ बदतमिजी की गई। फिर अमित ने उनके कंट्रोल रूम जाकर शिकायत पुस्तिका देखी। शिकायत पुस्तिका सिर्फ एक औपचारिकता मिली। खाली रजिस्टर व पन्ने शिकायत पुस्तिका के रूप में रखे मिले। उन पर टोल कम्पनी का कोई नाम तक दर्ज नहीं मिला। वहां कोई जवाब देने वाला सक्षम अधिकारी नहीं मिला। एक-दूसरे पर टालते रहे।

कर्मचारी बिना ड्रेस में


टोल प्लाजा पर जाकर देखा गया तो बूथों में आधे से ज्यादा कर्मचारी बिना डे्रस और पहचान पत्र के काम कर रहे थे। अनेक बूथों में कर्मचारी इधर-उधर घूमते मिले, जबकि मौके पर वाहनों की कतार लगी थी।

क्रेन व एंबुलेंस दिखावा मात्र


टोल प्लाजा पर क्रेन और एंबुलेंस खड़ी हैं, जो दिखावा मात्र है। जब हाइवे पर वाहन को हटाने की सूचना दी जाती है तो मदद नहीं मिलती। सीसीटीवी कैमरे दिखाने से मना कर दिया।

हो चुकी है रिपोर्ट दर्ज


दो वर्ष पूर्व परिवहन मंत्री के निरीक्षण में टोल प्लाजा पर भारी अव्यवस्थाएं पाई गई थी। के्रन खराब और कम क्षमता की होने के कारण लापरवाही मानते हुए टोल कम्पनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी।

एंबुलेंस को नहीं मिलता रास्ता


टोल प्लाजा पर इमरजेंसी रास्ता अक्सर दूसरे वाहनों से भरा रहता है जिससे एंबुलेंस को देरी हो जाती है। हाइवे पेट्रोल गश्ती दल पुलिस से समन्वय नहीं रखते हैं और ना ही हाइवे पर खड़े वाहनों को हटवाते हैं।

रोज लगता जाम


प्लाजा पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। पर्याप्त व व्यवस्थित ड्यूटी बंटी नहीं होने के कारण आएदिन लम्बा जाम लगता है। सुरक्षा स्टाफ पूरा नहीं होने के कारण भारी वाहन भी छोटे वाहनों की लाइन में घुस आते हैं। टोल प्लाजा पर २६ बूथ है जिनमें एक पारी में 47 और एक दिन में तीन पारी में १४१ सुरक्षा कर्मचारी कार्यकरते है जिनमें बाउंसर, गनमैन, गार्ड शािमल हैं।

टोल प्लाजा के पास ही गड्ढे


शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास ही गहरे गड्ढे हैं। यहां वाहन का अचानक संतुलन बिगडऩे या चालक का ध्यान चूकने पर दुर्घटना भी हो सकती है। इसके अलावा गड्ढों में गिरने से वाहन की उम्र भी कम होती है। फिर भी टोल एजेंसी का ध्यान नहीं है।

रोड टूटने की शिकायतें


अलवर. शाहजहांपुर टोल पर २४ घण्टे का कलेक्शन करीब 1 करोड़ रुपए है। टोल रोड कई जगह से टूटी है। दुघेड़ा, नीमराणा, शाहजहांपुर, फौलादपुर गांव के सामने, टोल रोड के नजदकी सहित कई जगह सड़क टूटी है। शिकायत पुस्तिका में रोड टूटी होने की अधिक शिकायतें है, लेकिन शिकायत पुस्तिका खानापूर्ति है। जिसका कोई रिकॉर्ड भी मुश्किल इसलिए होगा कि पुस्तिका पर कम्पनी का कहीं नाम तक नहीं है।

के्रन और एंबुलेंस अक्सर समय पर उपलब्ध नहीं होती है, वहीं शाहजहापुर के पास हाइवे सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रखी है, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही है।
सुरेन्द्र मलिक, थाना प्रभारी, शाहजहापुर

Published on:
31 Aug 2017 07:12 pm
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