अलवर के सरिस्का बाघ परियोजना से एक अच्छी खबर सामने आई है। सरिस्का में बाघिन एसटी-17 ने तीन शावकों को जन्म दिया है।
अलवर के सरिस्का बाघ परियोजना से एक अच्छी खबर सामने आई है। सरिस्का में बाघिन एसटी-17 ने तीन शावकों को जन्म दिया है। वन विभाग ने रेंज अकबरपुर क्षेत्र में लगे कैमरा ट्रैप और फील्ड मॉनिटरिंग के आधार पर इन शावकों की पुष्टि की है। कैमरा ट्रैप में बाघिन एसटी-17 अपने तीनों शावकों के साथ स्पष्ट रूप से दिखाई दी है तथा शुरुआती निगरानी में बाघिन और शावकों की गतिविधियां सामान्य पाई गई हैं।
वन विभाग के अनुसार बाघिन एसटी-17 इससे पहले भी शावकों को जन्म दे चुकी है और यह उसका दूसरा सफल प्रजनन है। तीन नए शावकों के जन्म से सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों की संख्या 52 हो गई है। वन विभाग की मॉनिटरिंग टीम को बाघिन और शावकों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2004-05 में अवैध शिकार के कारण सरिस्का से बाघ पूरी तरह समाप्त हो गए थे। इसके बाद वर्ष 2008 में रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान से बाघों का स्थानांतरण कर सरिस्का में पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किया गया था। तब से लगातार प्रबंधन, निगरानी और संरक्षण प्रयासों के कारण सरिस्का में बाघों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है।