पंचायत समिति किशनगढ़बास के ग्राम रुंध गिद्दावड़ा (मिर्जापुर) के अरावली पर्वतमाला अंतर्गत संरक्षित क्षेत्र में प्रस्तावित 40 बड़े सरकारी ट्यूबवेलों के नियम विरुद्ध प्रस्ताव को लेकर क्षेत्र में रोष व्याप्त है।
किशनगढ़बासञ्चपत्रिका. पंचायत समिति किशनगढ़बास के ग्राम रुंध गिद्दावड़ा (मिर्जापुर) के अरावली पर्वतमाला अंतर्गत संरक्षित क्षेत्र में प्रस्तावित 40 बड़े सरकारी ट्यूबवेलों के नियम विरुद्ध प्रस्ताव को लेकर क्षेत्र में रोष व्याप्त है। इसे लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने राज्यपाल के नाम उप जिला कलक्टर किशनगढ़ बास को ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम रुंध गिद्दावड़ा (मिर्जापुर) की भूमि गैर मुमकिन बीहड़ श्रेणी में दर्ज है, जो अरावली नोटिफिकेशन 1992 के अंतर्गत पूर्णतया प्रतिबंधित क्षेत्र है। ऐसे में यहां बड़े पैमाने पर सरकारी ट््यूबवेल स्थापित करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए भी गंभीर खतरा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में बड़े सरकारी ट्यूबवेल लगाए गए तो अत्यधिक भूजल दोहन होगा, जिससे आने वाले समय में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है। इसका सीधा असर क्षेत्र के किसानों, पशुपालकों और आमजन के जीवन पर पड़ेगा तथा प्राकृतिक संतुलन भी बिगड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव को शीघ्र रोकने की मांग की है। इस अवसर पर आसम खान, वीरेंद्र मोर, सपात मैनेजर, कासिम मेवाती, ममूल सरपंच, जावेद खान, दानिश खान, अयूब खान, फकरु एडवोकेट, तैयब पार्षद सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।