
अलवर जंक्शन का यात्रियों को नया रूप नजर आएगा। करीब 111.72 करोड़ रुपए की लागत से यहां विकास कार्य कराए जाएंगे। इसकी डीपीआर मंजूर हो चुकी है और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत यह काम कराया जाएगा।
अब तक प्रथम पव्रेश द्वारा की तरफ ही ज्यादातर काम हुआ है, लेकिन अब द्वितीय प्रवेश द्वार की तरफ विकास कराए जाएंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगा प्लेटफॉर्म नंबर चार का निर्माण। अभी जंक्शन पर तीन प्लेटफॉर्म हैं, एक प्लेटफॉर्म अतिरिक्त मिलने से ट्रेनों को रुकने की अतिरिक्त जगह मिलेगी।
इसलिए पड़ी जरूरत
अलवर में 42 जोड़ी यानी 84 ट्रेनों का आवागमन रहता है। बीस हजार से ज्यादा यात्री रोजाना अलवर से ट्रेनों में सफर करते हैं। सुबह व शाम के वक्त ट्रेनों की संख्या ज्यादा होने की वजह से कई बार ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों पर इंतजार कराया जाता है। चौथ प्लेटफॉर्म बनने से यह इंतजार कम होगा। साथ ही स्टेशन पर यात्रियों का दबाव भी घटेगा। अभी अलवर से दिल्ली, जयपुर, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात, पश्चिमी बंगाल सहित कई राज्यों के लिए ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
जी प्लस वन का भवन बनेगा
द्वतीय प्रवेश द्वार की तरफ ही जी प्लस वन का भवन बनेगा। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट के साथ ही वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर लगेंगे। दिव्यांगों के स्टेशन में प्रवेश के लिए रैम्प भी बनाया जाएगा। वेटिंग हॉल व रिटायरिंग रूम के साथ ही एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए फुट ओवरब्रिज बनेंगे। साथ ही खाने की स्टॉल्स भी लगेंगी।
यह सुविधाएं भी मिलेंगी
-प्लेटफार्म्स पर वेटिंग हॉल में एलईडी टीवी और स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड
-मुख्य प्रवेश द्वार और द्वितीय प्रवेश द्वार पर अनारक्षित टिकटघर, द्वितीय प्रवेशद्वार की ओर रिजर्वेशन काउंटर
-टॉयलेट और पानी के नल के साथ इलेक्ट्रिक कोच इंडिकेटर
-मार्ग में रेलवे स्टेशन के साइन बोर्ड
-टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर और ऑटोरिक्शा के लिए पार्किंग सुविधा
Updated on:
14 Feb 2026 01:58 pm
Published on:
13 Feb 2026 04:02 pm
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