होली का त्यौहार जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है, बच्चे बूढ़े और जवानों में इसको लेकर मस्ती बढ़ती ही जा रही है
अम्बेडकर नगर. होली का त्यौहार जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है, बच्चे बूढ़े और जवानों में इसको लेकर मस्ती बढ़ती ही जा रही है। गांव से लेकर शहर तक सभी लोग मस्ती के इस त्यौहार में डूबने के लिए आतुर दिखाई पड़ रहे हैं। दो मार्च को रंगों के इस पर्व होली को मनाया जाना है, लेकिन गांव-गांव में यह त्यौहार अभी से शुरू हो गया है। इन दिनों शादी विवाह का कार्यक्रम भी जोरों पर है और गांव में हो रही शादियों में बारातियों के साथ घराती महिलाएं विदाई के समय प्रेम और सौहार्द के रूप में रंग डाल कर वर और वधू पक्ष के बीच रिश्ते को मजबूत करने की कोशिश करती नजर आ रही हैं।
रंगों के साथ प्रेम और भाई चारा बढ़ाने वाले होली के पर्व में कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिन्हें अगर समय रहते गौर कर लिया जाए तो आपसी सौहार्द और भाईचारा का इससे अच्छा कोई त्यौहार हो ही नहीं सकता। दरअसल होली के हुड़दंग में जब अराजकता को जगह मिल जाती है तो वहीं इसका दुष्प्रभाव भी सामने आने लगता है। होली के नाम पर नशा करके या होली के उन्माद में बहक कर लोगों को ऐसे सथलों या ऐसे लोगों पर रंग अथवा केमिकल का प्रयोग नहीं करना चाहिए, जिन्हें रंग पसंद न हो। अगर इन बातों को सावधानी पूर्वक ध्यान में रखते हुए त्यौहार मनाया जाय तो निश्चित रूप से होली पूरी तरह मस्ती की होली होगी और भाईचारा कायम होगा।
प्रशासन ने शुरू की शांति से होली मनाने की तैयारी
यूं तो होली के त्यौहार में दुश्मन को भी गले लगाकर सारे गिले शिकवे दूर करने की परम्परा कायम है, लेकिन आधुनिकता की दौड़ में शायद लोग अपनी इस खास परम्परा को भूलते जा रहे हैं। परम्परागत रूप से मनाई जाने वाली होली में कोई किसी के साथ होली खेले, गले मिले, इसका न तो बुरा मानता है और न ही विरोध करता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति नशे में होकर होली खेलने के नाम पर कपड़ा फाड़ होली या प्रतिबंधित स्थलों पर रंग डालने का प्रयास करता है, तो स्थिति बिगड़ जाति है और कई बार यह हुड़दंग साम्प्रदायिक रूप ले लेता है, जिसमे कई बार जन धन की हानि तक हुई है। प्रशासन ऐसी ही परिस्थिति से निपटने के लिए जिले में शांति पूर्वक होली का त्यौहार सम्पन्न कराने के लिए विशेष तैयारी कर रहा है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन पुलिस विभाग के साथ मिल कर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में स्थापित शान्ति कमेटियों की बैठक कर लोगों से शांति पूर्वक इस पवित्र त्यौहार को मनाने की अपील करने के साथ ही, केमिकल रंगों, डी जे, और शराब का प्रयोग न करने की चेतावनी दे रहा है।
साम्प्रदायिक दृष्टि कोण से अम्बेडकर नगर जिला होली के त्यौहार के रूप में संवेदनशील माना जाता है। कई बार इस त्यौहार को मानाने को लेकर घटनाएं हो चुकी है, जिसके कारण होली में जिले की शांति व्यवस्था खतरे में पड़ चुकी है। ऐसा कुछ न होने पाए इसको लेकर प्रशासन पूरी तरह मुश्तैद दिखाई पड़ रहा है।
ये है प्रशासन की तैयारी
होली के त्यौहार को शांति पूर्वक सम्पन्न कराने को लेकर प्रशासन कोई कसार नहीं छोड़ रहा है | इसके लिए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के निर्देश पर जिले की पांच तहसीलों को पांच जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन का जोनल मजिस्ट्रेट वहां के एसडीएम को बनाया गया है। इसके अलावा जिले में कोल 21 सेक्टर स्थापित किये गए हैं। यहां पर भी सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है और सभी को यह निर्देश है कि एंड मार्च से ही वे अपने क्षत्रों में बने रह कर स्थिति पर नजर रखेंगे साथ ही किसी भी क्षेत्र में इस दौरान शराब की दुकाने नहीं खुलेंगी और होली खेलने के लिए निर्धारित किये गए समय पर ही रंगों का प्रयोग करने के अलावा तेज आवाज वाले ध्वनी विस्तारक यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। जिलाधिकारी का यह भी निर्देश है कि किसी भी दशा में किसी भी ऐसे धार्मिक स्थल पर रंग न पड़ने पाए, जिसको लेकर किसी तरह का उन्माद भड़क सके। प्रशासन की तरफ से संभावित ऐसे स्थलों, जहां से कोई विवाद उत्पन्न हो सकता है, वहां पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी के निर्देश हैं। जिलाधिकारी की तरफ से सभी से शांति पूर्वक होली के त्यौहार को मनाने की अपील की गई है, जिससे आपसी सौहार्द कायम रहे।