जायलो सवार चार पांच व्यक्ति हाथों में असलहा लिए हुए दुकान में घुसकर दुकान में रखा समान फेंकते हुए दुकान मालिक की पिटाई करना शुरू कर
अम्बेडकर नगर. जिले में इन दिनों लगातार आपराधिक वारदातें बढ़ती जा रही हैं। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे कहीं भी घटना को अंजाम देने से नहीं चूक रहे हैं अौर पुलिस है कि घटना का मुकदमा ही नहीं दर्ज करती, लेकिन अगर करना भी पड़े तो पीड़ित से तहरीर बदलवा कर मुकदमें धाराओं के अल्पीकरण कर देती है।
मामला जिले के थाना क्षेत्र का है। इस थाना क्षेत्र के महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के सामने सद्दरपुर बाजार में स्थित सिंह इलेक्टिकल्स पर दिन दहाड़े असलहों से लैस दबंगों ने जमकर तांडव मचाते हुए दुकान मालिक की पिटाई कर लूटपाट करते हुए समान को दुकान से बाहर फेंक दिया था। हल्ला गोहार पर जब लोग दौड़े तो दबंग दुकानदार की मोबाइल व गल्ले में बिक्री का रखा लगभग 15 हजार रुपया लूटकर जायलो से टांडा की तरफ भाग निकले थे। सूचना पर पहुंची पुलिस घायल दुकानदार का चिकित्सीय परीक्षण कराने के साथ ही घटना की तहरीर भी ली थी।
फिल्मी स्टाइल में घटना को दिया था अंजाम
कोतवाली टाण्डा क्षेत्र के ग्राम पिपरी मुहम्मदी निवासी बृजेन्द्र प्रताप सिंह सद्दरपुर बाजार में सिंह इलेक्टिकल्स नाम से दुकान चलाते हैं। वहीं अचानक जायलो सवार चार पांच व्यक्ति हाथों में असलहा लिए हुए दुकान में घुसकर दुकान में रखा समान फेंकते हुए दुकान मालिक की पिटाई करना शुरू कर दिया और कुछ व्यक्ति दुकान में रखा समान गाड़ी में लाद लिये। उन लोगों के हाथों में असलहा होने के कारण कोई भी बाजार वासी निकट नहीं आया, लेकिन शोर गोहार पर जब लोग दौड़े तो दबंग जान से मारने की धमकी देते हुए व असलहा लहराते हुए जायलो गाड़ी से टांडा की तरफ भाग निकले। पीड़ित दुकानदार ने अलीगंज थाना पुलिस को घटना की लिखित सूचना दिया। पुलिस ने घायल दुकानदार का चिकित्सीय परीक्षण कराया।
तहरीर बदलकर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित दुकानदार ने थाने पर मुकदमा दर्ज करने की जो तहरीर दी थी, उसमें लूट, मारपीट, जान से मारने की धमकी सहित कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाना था, लेकिन पुलिस तत्काल मुकदमा दर्ज करने के बजाय हीलाहवाली करते हुए एक दिन बाद मुकदमा दर्ज किया। जानकारी के अनुसार पुलिस ने पीड़ित दुकानदार से तहरीर बदलवा कर मुकदमा दर्ज किया, जिसमे लूट की धारा नहीं लगाई गई। फिलहाल अपराधी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।