
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत अक्टूबर 2025 में एक घर में बकरियां चोरी करने 2 चोर घुसे थे। इस दौरान नि:संतान पति-पत्नी की नींद खुल गई और उन्होंने चोरों का विरोध शुरु कर दिया। इस पर दोनों ने मिलकर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर दोनों की हत्या (Husband-wife murder) कर दी। इसके बाद 7 बकरा चोरी कर फरार हो गए थे। सूचना पर पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया था। मामले की सुनवाई द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता, घाघी निवासी रीमा राम उम्र 52 वर्ष व उसकी पत्नी जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला उम्र 50 वर्ष नि:संतान थे। दोनों गांव में ही रहकर बकरी पालन व खेती बाड़ी करते थे। 23 अक्टूबर 2025 की सुबह दोनों की लहूलुहान लाश (Dead body found in house) घर की परछी में पड़ी मिली थी। घर से 7 नग बकरियां भी गायब थीं। सूचना पर दरिमा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने संदिग्ध दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम पंपापुर निवासी करीमन मझवार पिता स्व. कमल साय 42 वर्ष व जय श्याम पिता लखन राम 28 वर्ष को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने पति-पत्नी की हत्या की बात स्वीकार की। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि दोनों बकरा चोरी करने घर में घुसे थे।
इस दौरान पति-पत्नी (Murder by axe) ने विरोध किया तो उन्होंने उनकी कुल्हाड़ी से प्रहार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद 7 बकरे लेकर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों को बीएनएस की धारा 103(1) दो बार, धारा 3(5) तथा 332(क) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूत तरीके से प्रस्तुत करते हुए 16 गवाहों के कथन और 46 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में पेश किए। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों तथा अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर ने आरोपी करीमन मझवार एवं जय श्याम को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (Lifetime imprisonment to Murder accused) की सजा सुनाई। वहीं डीआईजी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने न्यायालय के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया, एवं मामले के विवेचक थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो के उत्कृष्ट विवेचना की प्रशंसा की है।