Begging Mother Death: बदहाली का जीवन बसर कर रही चल बसी एक मां, शव के पास ही खड़े होकर रोती रहीं बेटियों को सहारे की उम्मीद
अंबिकापुर. भिक्षाटन कर एक महिला अपने 2 मासूम बेटियों का भरण-पोषण करती थी। लेकिन इन दोनों बेटियों के सिर से मां का साय उठ गया है। दोनों बालिकाएं अनाथ हो गईं हैं। दरअसल बीमार महिला की 22 सितंबर को पॉलिटेक्निक कॉलेज लाइवलीहुड बालक छात्रावास के परिसर में मौत हो गई।
मां के शव के पास दोनों बेटियां रो रहीं थीं। सूचना पर गांधीनगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की और शव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मरच्यूरी में रखवा दिया। दोनों बालिकाओं को चाइल्ड लाइन को सुरक्षित रखने हेतु सुपुर्द किया गया है।
अंबिकापुर में बदहाली की जिंदगी जीते हुए महिला भिक्षाटन कर अपनी 2 मासूम बेटी 4 वर्षीय शांति एवं 6 वर्षीय कांति के साथ फुटपाथ पर रहती थी। पिछले कुछ दिनों से वह अपनी बेटियों के साथ पॉलिटेक्निक कॉलेज लाइवलीहुड बालक छात्रावास के परिसर में रह रही थी। कुछ दिनों से उसकी तबियत खराब थी।
इसी बीच 22 सितंबर को उसकी तबियत काफी ज्यादा बिगड़ गई और उसने बेटियों के सामने ही छात्रावास परिसर में दम तोड़ दिया। मां की मौत होते ही दोनों बच्चियां शव के समीप बिलख-बिलख कर रोने लगीं।
जब इसकी जानकारी गांधीनगर पुलिस को हुई तो मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की और शव को परिजन के इंतजार में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मरच्यूरी में रखवा दिया है।
हालांकि पुलिस के पास परिजन के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। महिला कहां की रहने वाली है और उसके परिजन कहां रहते हैं इसकी जानकारी दोनों बेटियों के पास भी नहीं है।
दोनों बच्चियां चाइल्ड लाइन के हवाले
दोनों मासूम बच्चियों के सिर से मां का भी साया उठ चुका है। इन दोनों मासूम बच्चियों को मां के सही नाम का भी पता नहीं है और उसके परिजन कहां रहते हैं इसकी भी जानकारी उन्हें नहीं है। फिलहाल पुलिस ने इन दोनों बच्चियों को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया है।