
अंबिकापुर। शहर के दरिमा मोड़ के पास से गुजरी बांकी माइनर नहर के दोनों ओर की जमीन पर अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा कर बड़े-बड़े बिल्डिंग और मकान खड़े कर दिए गए हैं। रसूखदारों समेत अन्य लोगों द्वारा शासकीय जमीन (Bulldozer action) पर कब्जे का खेल लंबे समय से खेला गया, लेकिन इस दौरान तक सिंचाई विभाग की ओर से कार्रवाई की पहल नहीं की गई। नहर के दोनों ओर बेशकीमती जमीनों पर कब्जा कर लिए जाने का मामला सामने आने के बाद विभाग की नींद टूटी और 13 अक्टूबर को टीम कार्रवाई करने पहुंची। पिछले 3 दिनों से कार्रवाई जारी। नहर के सेंटर प्वाइंट से दोनों ओर 10-10 मीटर के दायरे में आने वाले अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरु की गई। विभागीय अधिकारियों ने बुलडोजर चलवाकर अतिक्रमण हटाया। इस दौरान बवाल की भी स्थिति निर्मित हुई, लेकिन विभाग अतिक्रमण हटाने में कामयाब रही।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ ने बताया कि माइनर नहर (Minor canal) की जमीन पर कब्जा कर बिल्डिंग और मकान बनाए गए हैं। अतिक्रमित जमीनों की नाप-जोख कर कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई का यह तीसरा दिन है। अब तक करीब 60 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि शासकीय जमीन पर कब्जा कर करीब 200 निर्माण किए गए हैं, इन सभी को हटाने की प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि किसी भी अतिक्रमणकारी (Encroachment holders) के साथ गलत नहीं हो रहा है। सेंटर प्वाइंट से 10-10 मीटर के दायरे में आने वाले अतिक्रमण को ही हटाया जा रहा है।
अतिक्रमण हटाने के दौरान एक 3 मंजिले मकान पर भी बुलडोजर चलाकर कुछ हिस्से को ध्वस्त (Building demolishted) किया गया। यह इलाका श्रीगढ़ क्षेत्र में आता है। उक्त बिल्डिंग तुलसी अग्रवाल नामक व्यक्ति की है। उन्होंने बताया कि मैंने साढ़े 12 डिसमिल जमीन खरीदी थी, जिसकी रजिस्ट्री भी मेरे पास है, इसके बावजूद राजस्व अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
मुझे शासकीय जमीन का एक इंच भी नहीं चाहिए, लेकिन मेरी जमीन तो कम से कम छोड़ दें। उन्होंने बताया कि बुलडोजर से बिल्डिंग ढहा दिए जाने से उन्हें बड़ा नुकसान हुआ है। इसी क्रम में दद्दू विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी भी बिल्डिंग ढहा दी गई है, ऐसे में उन्हें 1 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।