ऑफिसरों द्वारा कहा जा रहा था कि सरगुजा में पुलिसकर्मियों के परिवार द्वारा किए जा रहे आंदोलन में उसका भी हाथ
अंबिकापुर. साइबर सेल अंबिकापुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक ने आज दोपहर अपने कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर प्रयास किया। समय रहते उसे सहकर्मियों द्वारा तत्काल शहर के एक निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया। यहां उसकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है। जबकि डॉक्टरों का कहना है कि उसका ब्लड पे्रशर बढ़ गया था।
उन्होंने फांसी लगाने जैसी बात से इनकार किया है। इधर सरगुजा पुलिस के कर्मचारियों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की पुष्टि की है।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा यह कहकर प्रताडि़त किया जा रहा था कि सरगुजा में पुलिसकर्मियों के परिवार द्वारा किए जा रहे आंदोलन का वही नेतृत्व कर रहा है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की धमकी दी जा रही थी।
गौरतलब है कि 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पुलिसकर्मियों की पत्नियों तथा अन्य महिला सदस्यों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। इस आंदोलन को खत्म करने पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा अपने कनिष्ठों पर दबाव बनाया जा रहा है। इधर पुलिसकर्मियों का परिवार इसके लिए राजी नहीं है। बुधवार को उन्होंने मांगों को लेकर शहर में रैली भी निकाली।
पुलिस द्वारा इसे रोकने के प्रयास किए गए लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके। इसी कड़ी में बुधवार की दोपहर सरगुजा जिले में आंदोलन के लिए साइबर सेल में पदस्थ प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र श्रीवास्तव को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा नेतृत्वकर्ता बताया जा रहा था। उस पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर आंदोलन करने के लिए एकजुट करने के भी आरोप लगाए जा रहे थे।
इसे लेकर अधिकारियों द्वारा उससे कहा जा रहा था कि उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इससे भयभीत प्रधान आरक्षक ने अपने कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पत्रिका को सरगुजा के कुछ पुलिस कर्मचारियों ने कॉल कर इसकी पुष्टि भी की है। सूचना पर सीएसपी, कोतवाली टीआई, क्राइम ब्रांच की टीम भी हॉस्पिटल पहुंची थी।
डॉक्टरों का कहना- ब्लड पे्रशर बढ़ा था
ऑफिस में फांसी लगाते देख सहकर्मियों ने उसे तत्काल फंदे से उतारा तथा अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद तत्काल उसे शहर के पीजी कॉलेज इलाके में स्थित महामाया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। शाम 5 बजे उसे छुट्टी दे दी गई।
वहीं डॉक्टर का कहना है कि जब प्रधान आरक्षक को लाया गया तो उसका आंख लाल था तथा पसीने से तर-बतर था। उसका ब्लड पे्रशर हाई हो गया था। फांसी लगाने के निशान भी गले पर नहीं हैं।