
लखनपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी जल संरक्षण योजना (Water conservation scheme) के तहत कराए जा रहे कार्य में लापरवाही का मामला सामने आया है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत टपरकेला के माझापारा में प्राइमरी स्कूल से महज 10 मीटर की दूरी पर गहरा गड्ढा खोदकर खुला छोड़ दिया गया है। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के छोड़े गए इस गड्ढे से स्कूली बच्चों और मवेशियों की जान को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी जताते हुए तत्काल सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार नियमानुसार इस तरह के निर्माण कार्यस्थल के चारों ओर सुरक्षा घेरा, चेतावनी बोर्ड, जाली अथवा बांस-बल्ली की घेराबंदी की जानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। लेकिन मौके पर न तो कोई सुरक्षा बेरियर लगाया गया है और न ही चेतावनी बोर्ड। गड्ढा पूरी तरह खुला पड़ा हुआ है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि गड्ढा स्कूल परिसर (School campus) से लगभग 10 मीटर की दूरी पर स्थित है।
स्कूल में 5 से 10 वर्ष तक के बच्चे पढ़ते हैं, जो खेलते हुए कभी भी गड्ढे की ओर पहुंच सकते हैं। बारिश के दौरान गड्ढे में पानी भर जाने से उसकी वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किसी बच्चे के फिसलकर गिरने से गंभीर हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मवेशी भी गड्ढे में गिर चुके हैं, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने जब इस मामले को लेकर जिम्मेदारों से सवाल किया तो एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर इसे शिक्षा विभाग से जुड़ा मामला बताया जा रहा है, जबकि शिक्षा विभाग की ओर से इसे मनरेगा के तहत पंचायत का कार्य बताया जा रहा है। वहीं संबंधित कार्य प्रभारी अधिकारी भी मौके पर मौजूद नहीं रहते। ग्रामीणों का कहना है कि जल संरक्षण के कार्य निश्चित रूप से जरूरी हैं, लेकिन इनके निर्माण के दौरान लोगों की सुरक्षा की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया और कोई दुर्घटना हुई तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगीï?
मामले को लेकर सरपंच प्रतिनिधि कुश कुमार, पंच वार्ड क्रमांक 4 अजय सिंह, पंच बंधु सिंह, पूर्व पंच मनोहर सिंह, देवकुमार, पप्पू सिंह, युवराज सिंह, रवि सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गड्ढे के चारों ओर तत्काल सुरक्षा घेरा और चेतावनी बोर्ड लगाया जाए अथवा उसे सुरक्षित तरीके से ढका जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका न रहे।