अंबिकापुर

Ayushman Card Fraud: आयुष्मान कार्ड के नाम पर मरीजों से लूट, जेडी ने अंबिकापुर के दयानिधि अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश

Ayushman Card Fraud by Private hospital: दयानिधि अस्पताल के ऊपर मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने सीएमएचओ को दिए जांच के आदेश
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Ayushman card fraud
Ayushman card Fraud case दयानिधि अस्पताल (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) के नाम पर सरगुजा संभाग के निजी अस्पतालों (Private hospitals) में बड़ी धांधली चल रही है। अब यह मामला तूल पकड़ रहा है। निजी अस्पतालों द्वारा वहां भर्ती मरीजों के आयुष्मान कार्ड से तो पैसे लिए ही जाते हैं, वहीं उनसे भी नकद पैसे ऐंठते हैं। ऐसा ही एक मामला कुछ दिन पूर्व शहर के कन्या शिक्षा परिसर मार्ग पर गंगापुर स्थित दयानिधि अस्पताल से सामने आया था। इस मामले में संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा ने दयानिधि अस्पताल के संचालक डॉ. संदीप त्रिपाठी के खिलाफ लगाए जा रहे गंभीर आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं।

संभागीय संयुक्त संचालक ने सीएमएचओ को 30 जून को एक पत्र प्रेषित कर अस्पताल संचालक के विरूद्ध लगाए गए आरोपों की जांच (Ayushman card fraud case) करने के निर्देश दिये हैं। जेडी ने 6 कार्यालयीन दिवस के अंतराल में अपने स्पष्ट अभिमत के साथ जांच प्रतिवेदन प्रेषित करने के लिए कहा है।

इन पर आयुष्मान कार्ड लगे होने के बावजूद मरीजों से नकद पैसा लेने तथा सिर्फ 11 बिस्तर वाले अस्पताल को 3 साल में आयुष्मान योजना से 7 करोड़ रुपए का भुगतान (Ayushman card payment) करने जैसा आरोप लगे हैं। इसके अलावा मरीजों से ली गई राशि स्टाफ से मिलीभगत कर सीधे अस्पताल के अकाउंट में जमा करने जैसे आरोप लगे हंै।

यह भी आरोप है कि डॉ. त्रिपाठी शासकीय अवकाश पर रहकर अपने निजी अस्पताल में मरीजों का इलाज और धांधली में व्यस्त हैं। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संभागीय संयुक्त संचालक ने सीएमएचओ सरगुजा को प्रेषित किये गये पत्र में उल्लेखित शिकायतों के सभी तथ्यों की तत्काल जांच के लिये दल गठित कर सूक्ष्मता से जांच करने के निर्देश दिये हैं।

Ayushman card case: उच्चाधिकारियों को भेजी प्रतिलिपि

संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा ने दयानिधि अस्पताल के खिलाफ दिए गए जांच के आदेश की प्रतिलिपि संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नवा रायपुर, आयुक्त सरगुजा संभाग और कलेक्टर सरगुजा को भी प्रेषित की गई है।

बता दें कि 6 कार्यालयीन दिन में सीएमएचओ द्वारा जांच प्रतिवेदन सौंपा जाना तय किया गया है। अब जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि आरोप कितना सही है, यदि सही है तो उस पर आगे किस तरह की कार्रवाई होगी।

Updated on:
01 Jul 2026 07:44 pm
Published on:
01 Jul 2026 07:44 pm
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