अंबिकापुर

Python Surgery: स्नेकमैन ने ‘इंडियन रॉक पाइथन’ को अंबिकापुर से पहुंचाया बिलासपुर, डॉक्टरों ने 3 घंटे की सर्जरी, निकाला ट्यूमर

Indian Rock Python: स्नेक मैन के नाम से विख्यात सत्यम द्विवेदी की पहल से बची विशाल अजगर की जान, कहा- स्वस्थ होने के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा
2 min read
Indian Rock Python Surgery
Python Surgery, अजगर की सर्जरी करते डॉक्टर (Photo- Patrika)

अंबिकापुर. स्नेक मैन के नाम से सरगुजा में विख्यात सत्यम द्विवेदी (Snake man Satyam Dwivedi) द्वारा पिछले दिनों एक विशाल भारतीय अजगर (इंडियन रॉक पाइथन) का रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद उन्हें पता चला कि अजगर के मुंह में ट्यूमर है, इससे उसकी जान जा सकती है। डॉक्टरों के परामर्श के बाद उन्होंने तत्काल पहल करते हुए उसका ऑपरेशन कराने की ठान ली। वे खुद उसे अंबिकापुर से लेकर बिलासपुर तक पहुंचे। यहां 3 घंटे तक डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया और उसकी जान बचा ली। बता दें कि उसकी हालत पर निगरानी रखी जा रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।

स्नेक मैन सत्यम द्विवेदी ने बताया कि एक बेजुबान वन्यजीव की जिंदगी बचाने के लिए सरगुजा से बिलासपुर तक 250 किलोमीटर का सफर तय किया गया। अंबिकापुर में रेस्क्यू किए गए इंडियन रॉक पाइथन (भारतीय अजगर) (Python Rescue) के मुंह में ट्यूमर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए बिलासपुर ले जाया गया। यहां वन्यजीवों के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. पीयूष दुबे ने करीब 3 घंटे तक चली जटिल सर्जरी कर ट्यूमर निकालने की प्रक्रिया पूरी की।

Python Surgery, सर्जरी के दौरान स्नेक मैन सत्यम (Photo- Patrika)

फिलहाल ऑपरेशन के बाद अजगर की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बता दें कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सत्यम द्विवेदी को स्नेक मैन ऑफ सरगुजा के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अजगर के उपचार के लिए विशेष पहल की। समय पर उचित उपचार मिल सके, इसके लिए उसे अंबिकापुर से बिलासपुर पहुंचाया गया। वन्य जीव के मुंह में ट्यूमर (Tumor in Python mouth) होने के कारण उसका उपचार चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सक से सर्जरी कराई गई।

Python Rescue in Ambikapur: स्वस्थ होने पर प्राकृतिक आवास में छोड़ेंगे

सत्यम (Snake man) ने कहा कि सर्जरी के बाद अजगर की सेहत में सुधार और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित पाए जाने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोडऩे की योजना है। यह प्रयास वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की मिसाल है।

अक्सर घायल या बीमार वन्य जीवों के उपचार में समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में एक बेजुबान जीव के उपचार के लिए लंबी दूरी तय करना और उसकी सर्जरी की व्यवस्था करना वन्यजीवों के प्रति मानवीय संवेदना को दर्शाता है।

Updated on:
12 Oct 2026 07:51 pm
Published on:
12 Oct 2026 07:51 pm
Also Read
View All
Ambikapur News: जेएनयू में छात्राओं ने कांग्रेस सांसद पर लगाया कथित यौन उत्पीड़न का आरोप, BJP महिला मोर्चा ने घेरा कांग्रेस दफ्तर

Surajpur Double Murder: शिक्षिका और बेटे की नृशंस हत्या मामले 2-3 संदेही हिरासत में, दोनों के मोबाइल भी गायब, पुलिस कर रही है पूछताछ

Ambikapur Digital Arrest: टेलीकॉम और दिल्ली पुलिस का अफसर बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, फिर की 22 लाख की ठगी

Surajpur Double Murder: 18 वर्षीय बेटे की हत्या कर फेंकी लाश, 8 घंटे बाद बंद कमरे में शिक्षिका मां का भी मिला शव, फैली सनसनी

अंबिकापुर के विश्वविद्यालय में प्रशासनिक टकराव, कुलपति बोले- निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करते कुलसचिव