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Ambikapur Digital Arrest: टेलीकॉम और दिल्ली पुलिस का अफसर बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, फिर की 22 लाख की ठगी

Cyber fraud: सरगुजा रेंज की साइबर टीम ने मामले में 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार, अलग-अलग बैंक खाते में जमा कराए थे रुपए
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Ambikapur Digital Arrested, प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। टेलीकॉम विभाग का अधिकारी और दिल्ली पुलिस का अफसर बनकर शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत निवासी एक व्यक्ति से 22 लाख की ठगी (Cyber fraud in Ambikapur) की गई। दरअसल पीडि़त को आरोपियों ने डर दिखाते हुए कहा कि उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। अलग-अलग बैंक खाते में आरोपियों द्वारा रुपए जमा करा लिए जाने के बाद उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। मामले में सरगुजा रेंज की साइबर पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

प्रार्थी ने गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताया। उसने प्रार्थी के नाम पर फर्जी सिम चालू होने और इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस में किए जाने की बात कही। इसके बाद दूसरे व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और प्रार्थी के बैंक खाते में अवैध लेनदेन होने का डर दिखाया।

आरोपियों ने प्रार्थी को डराकर उसकी जमा राशि का आरबीईओ से सत्यापन कराने के नाम पर अलग-अलग बैंकों के खातों में 22 लाख ट्रांसफर करा लिए। मामले की जांच में ठगी (Fraud) की रकम का एक हिस्सा एमी के नर्मदापुरम निवासी साहिल सिंह के खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। पूछताछ में साहिल ने अपना बैंक खाता कार्तिक निकम को देने की बात बताई। इसके बाद कार्तिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

कार्तिक विभिन्न लोगों से बैंक खाते जुटाकर उनसे जुड़ी बैंक किट और सिम कार्ड बस से भोपाल भेजता था। इसके लिए वह टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा था। जांच के दौरान ठगी की रकम का एक अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। यह खाता नवी मुंबई निवासी उजेर युसुफ शेख का था। पुलिस की पूछताछ में उजेर ने सेल्फ चेक के माध्यम से रकम निकालने की बात बताई।

यूएसडीटी में बदलते थे ठगी की रकम

पुलिस ने जांच के दौरान अर्जित विश्वकर्मा और हरियाणा निवासी हर्ष की भूमिका भी सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार किया। इनका काम अलग-अलग लोगों से बैंक खाते प्राप्त करना और ठगी की रकम उन खातों में जमा कराना था। इसके बाद रकम को यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर मुख्य आरोपियों तक पहुंचाया जाता था।

जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर लोगों को ऊंची दर पर यूएसडीटी खरीदने का लालच देते थे। इस प्रक्रिया में ठगी की रकम दूसरे लोगों के बैंक खातों में पहुंच जाती थी। ऐसे खाताधारकों के खाते होल्ड होने और संदिग्ध लेनदेन सामने आने पर वे भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

Cyber fraud Ambikapur: ये आरोपी पकड़े गए

पुलिस (Surguja Police) ने मामले में अर्जित विश्वकर्मा (23), निवासी आमगांव बड़ा, जिला नरसिंहपुर एमपी, हर्ष सिंह (21), निवासी ग्राम भाकली, जिला रेवाड़ी, हरियाणा, उजेर युसुफ शेख (28), निवासी नवी मुंबई, साहिल सिंह ठाकुर (24) और कार्तिक निकम (21), दोनों निवासी रसूलिया, नर्मदापुरम, एमपी को गिरफ्तार किया है।

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