
Elephants in Surguja, हाथियों द्वारा तोड़ा गया घर, प्रभावितों के साथ मंत्री (Photo- Patrika)
उदयपुर। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत 26 हाथियों (Elephants in Udaypur) के 2 दल ने क्षेत्र में उत्पात मचा रखा है। हाथी घर तोडऩे के अलावा फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। 14 हाथियों का एक दल सतीमुड़ा जंगल जबकि 12 हाथियों का दूसरा दल अभी भी करमकठरा जंगल में डटा हुआ है। इसी बीच गुरुवार की रात 12 हाथियों के दल ने ग्राम महेशपुर और मानपुर क्षेत्र में 2 ग्रामीणों के घर तोड़ दिए। वहीं लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में किसानों की धान सहित अन्य फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने पर रायपुर से लौटने के क्रम में शुक्रवार को मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया और पीडि़तों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए।
बता दें कि रायपुर से वापसी के दौरान शुक्रवार को मंत्री राजेश अग्रवाल (Minister Rajesh Agrawal) हाथी प्रभावित ग्राम लक्ष्मणगढ़, फुनगी, मानपुर और महेशपुर पहुंचे। उन्होंने खेतों में जाकर फसलों को हुए नुकसान का निरीक्षण किया तथा प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने किसानों को हुए नुकसान की जानकारी ली और वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
हाथियों के हमले में मकान क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित महेशपुर निवासी बृजभान यादव और कैलाशो बाई से मंत्री राजेश अग्रवाल ने मुलाकात की। उन्होंने पीडि़त परिवारों का हालचाल जाना तथा वन विभाग के अधिकारियों को क्षति का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने कहा। उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की बात कही।
मंत्री के दौरे के दौरान रामगढ़ मंडल अध्यक्ष प्रबोध सिंह, देवगढ़ मंडल अध्यक्ष अखंड विधायक सिंह, जनपद सदस्य मुन्ना सिंह, अर्जुन सिंह, विजय यादव, डालेश्वर यादव, अनिल सिंह, मनीष बंसल, एसडीएम रामराज सिंह, वन परिक्षेत्र अधिकारी फेंकू प्रसाद चौबे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेद प्रकाश गुप्ता, थाना प्रभारी शिशिरकांत सिंह, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी राधा कृष्णन सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने वन विभाग की टीम (Forest Department) को हाथियों के विचरण क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाथियों की आवाजाही वाले गांवों में ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। साथ ही हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उनके लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
Updated on:
09 Oct 2026 08:13 pm
Published on:
09 Oct 2026 08:13 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
