Navratri 2020: कोरोना महामारी के कारण नवरात्र में भी देवी मंदिर (Devi mandirs) में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लगाई गई है रोक, सभी मंदिर परिसर के बाहर से ही कर रहे पूजा
अंबिकापुर. शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri) पर अष्टमी-नवमी का सुखद संयोग रहा। इसके बावजूद भी कोरोना काल के कारण मंदिरों में भक्तों की भीड़ नहीं उमड़ी। अधिकांश लोगों ने अपने-अपने घरों में ही पूजा अर्चना की।
हालांकि कुछ लोग महामाया मंदिर (Mahamaya mandir) व दुर्गा मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे पर मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया।
लोग मंदिरों के द्वारों पर ही पूजा अर्चना कर वापस लौटे। इधर राजसी परंपरा (Royal tradition) का निर्वहन करते हुए सरगुजा रियासत के वर्तमान महाराज टीएस सिंहदेव ने सुबह कुलदेवी महामाया मां की विशेष पूजा-अर्चना की। सुबह सबसे पहले राजपुरोहित व मंदिर के महंत ने महामाया मां का श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की।
इसके बाद राजसी परंपरा का निर्वहन करते हुए सरगुजा रियासत के वर्तमान महाराज टीएस सिंहदेव (Maharaj TS Singhdeo) ने महामाया मंदिर पहुंचकर संधि पूजा की। वहीं समलाया मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद आम श्रद्धालुओं ने बाहर से ही पूजा-अर्चना की।
मंदिरों के बाहर लोगों ने की पूजा
कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष सारे त्योहार फीके रहे हंै। शारदीय नवरात्र पर जिला प्रशासन द्वारा विशेष गाइडलाइन जारी किए गए थे। मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध था।
इस कारण जहां दुर्गा अष्टमी व नवमी पर महामाया मंदिर में उमडऩे वाली भक्तों की भीड़ नहीं देखी गई। हालांकि कुछ श्रद्धालु मंदिर पहुंचे पर उन्हें मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया और इस कारण लोगों को द्वार पर ही पूर्जा अर्चना कर लौटना पड़ा।