कुएं में गिरने के बाद बचने के लिए कर रही थी जद्दोजहद, मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव वालों की मदद से निकाला बाहर
अंबिकापुर. 8 माह की गर्भवती महिला गुरुवार की शाम कुएं से पानी भर रही थी। इसी दौरान उसे अचानक चक्कर आ गया और वह अनियंत्रित होकर कुएं में जा गिरी। कुएं में पानी भरे होने से वह बचने के लिए हाथ-पैर मारने लगी। इधर काफी देर बाद जब वह नहीं लौटी तो पति वहां पहुंचा। उसने कुएं में देखा तो पत्नी को बचाने छलांग लगा दी।
आवाज सुनकर गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी। इस दौरान उन्होंने एक रस्सी कुएं में फेंक दी थी। इसी के सहारे वे पानी में तैरते रहे। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और गांव वालों की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकलवाया। समय पर रेस्क्यू हो जाने से 3 जिंदगियां बच गईं।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम डकई, आरा निवासी बुधियारो बाई पति जमुना कोरवा गांवों में घूम-घूमकर इमली तोडऩे का काम करते थे। बुधियारो 8 माह की गर्भवती है। सोमवार से ही दोनों अंबिकापुर से लगे ग्राम सरगवां में इमली तोडऩे आए थे। साथ में महिला का दादा ससुर भी था।
गुरुवार को इमली तोडऩे के बाद रात करीब 8 बजे बुधियारों गांव के ही कुएं में पानी भरने गई थी। इसी दौरान उसे चक्कर आ गया और वह सीधे कुएं में जा गिरी। इसके बाद वह खुद और अजन्मे बच्चे को बचाने जद्दोजहद करने लगी। वह बचाने की आवाज लगा रही थी लेकिन कुआं गहरा होने के कारण किसी को सुनाई नहीं दे रहा था।
इधर काफी देर तक पत्नी के पानी लेकर नहीं लौटने पर पति कुएं के पास पहुंचा। उसने देखा कि पत्नी वहां नहीं है। जब उसने कुएं में झांका तो उसके होश उड़ गए। पत्नी जान बचाने हाथ-पैर मार रही थी। वह चिल्लाया तो उसका दादा दौड़कर वहां पहुंचा और उसने गांव में शोरगुल करना शुरु कर दिया। इधर पत्नी को बचाने पति ने भी कुएं में छलांग लगा दी।
इसी बीच गांव के लोग वहां पहुंच गए और गांधीनगर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही टीआई एमानुएल लकड़ा ने होमगार्ड व निगम की रेस्क्यू टीम को सूचना देकर जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम के नहीं पहुंचने पर उन्होंने गांव वालों की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकलवाया।
पुलिस दोनों को लेकर रात 10 बजे मिशन अस्पताल पहुंची। यहां डॉक्टरों ने पति-पत्नी व गर्भ में पल रहे बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताई है। बताया जा रहा है कि पति यदि समय पर नहीं पहुंचता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रस्सी के सहारे टिके रहे घंटेभर
पुलिस को सूचना देने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें पानी के ऊपर सुरक्षित रखने रस्सी का एक छोर कुएं में फेंका और दूसरा छोर अपने पास रखा। इस दौरान पति-पत्नी रस्सी पकड़कर काफी देर तक अपनी जान बचाने में सफल रहे।