Prisoners death: तबियत बिगडऩे पर दोनों को सेंट्रल जेल हॉस्पिटल से मेडिकल कॉलेज (Medical college) में किया गया था शिफ्ट, एक बुजुर्ग तो दूसरा था युवा
अंबिकापुर. सेंट्रल जेल (Central jail) अंबिकापुर के 2 कैदियों की 12 घंटे के अंदर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत (Prisoners death) हो गई।
मृतकों में एक की उम्र काफी ज्यादा थी, वह शारीरिक रूप से कमजोर था। वहीं दूसरा बंदी अनिद्रा जैसे बीमारी से ग्रसित था। दोनों हत्या (Murder) के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।
75 वर्षीय विक्टोर कुजूर पंडरसिली जशपुर का रहने वाला था। जशपुर न्यायालय द्वारा उसे वर्ष 2019 में हत्या (Murder) के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद से वह अंबिकापुर केन्द्रीय जेल में बंद था। उम्र ज्यादा हो जाने के कारण वह काफी कमजोर हो चुका था।
1 अक्टूबर को तबियत खराब होने पर जेल प्रशासन द्वारा इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान शनिवार की शाम को उसकी मौत हो गई।
2 लोगों की हत्या का था आरोप
वहीं 35 वर्षीय मिथलेश गोंड़ पिता रामभरोस निवासी तेलईधार थाना बैकुंठपुर का रहने वाला था। उसे दो लोगों की हत्या (2 people murder) के आरोप में वर्ष 2011 में न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
इसके बाद से वह अंबिकापुर केन्द्रीय जेल (Central jail) में बंद था। 28 सितंबर को तबियत खराब होने पर उसे इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह अनिद्रा जैसे बीमारी से ग्रसित था। यहां इलाज के दौरान रविवार की सुबह 8 बजे उसकी मौत हो गई।