अंबिकापुर

Bauxite Mines Protest: मैनपाट बॉक्साइट खनन पर हुई जनसुनवाई, ग्रामीणों ने जताया विरोध, ऑफिसरों के सामने जमकर लगाए नारे

Mainpat Bauxite Mines Protest: अधिकारियों के सामने 60 लोगों ने दर्ज कराई आपत्तियां, पर्यावरण और विस्थापन को लेकर ग्रामीणों ने जताई चिंता, अधिकारियों ने दी समझाइश
2 min read
Bauxite mines protest
Bauxite mines protest, जनसुनवाई में नारेबाजी करते स्थानीय युवा (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। सीएमडीसी द्वारा मैनपाट में प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना (Bauxite mines project) को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय लोगों ने पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के ग्रामीणों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां रखते हुए खनन का विरोध किया। उन्होंने जनसुनवाई में मौजूद प्रशासनिक और सीएमडीसी के अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना की जनसुनवाई के दौरान 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराईं।

बता दें कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बाक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है। पूर्व में हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध (Protest of bauxite mines) किया था और टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे। इसी बीच प्रशासन की ओर से सीएमडीसी के अधिकारियों की उपस्थिति में बुधवार को मैनपाट में जनसुनवाई हुई।

Public hearing in Mainpat, जनसुनवाई में मौजूद अधिकारी (Photo- Patrika)

इसमें भी स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए सीएमडीसी (CMDC) के विरोध में नारे लगाए। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान उन्होंने आपत्तियां भी दर्ज कराई। इस पर अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है।

प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल प्रक्रिया का हिस्सा है और नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है।

Bauxite mines in Mainpat: सही जानकारी नहीं, इसलिए विरोध की स्थिति

जनसुनवाई में मौजूद सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी।

Mainpat Bauxite mines, जनसुनवाई में पहुंचे स्थानीय लोग (Photo- Patrika)

जनसुनवाई में मैनपाट (Mainpat) के कई गांवों के युवा समेत ग्रामीण पहुंचे थे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से हमारी जल, जंगल व जमीन को खतरा है। कंपनी बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, लेकिन यहां का विकास नहीं होगा।

Published on:
01 Jul 2026 09:05 pm