अंबिकापुर

Shankaracharya Nishchalanand: शंकराचार्य निश्चलानंद बोले- अस्तित्व की रक्षा के लिए जरूरत पड़े तो शस्त्र बल का भी करना चाहिए प्रयोग

Shankaracharya Nishchalanand: तीन दिवसीय प्रवास पर अंबिकापुर पहुंचे शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती, पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही ये बातें

2 min read
Shankaracharya Nishchalanand
Shankaracharya Nishchalanand Saraswati

अंबिकापुर. Shankaracharya Nishchalanand: हिन्दू भी केवल अहिंसा के पक्षधर होंगे तो अपने अस्तित्व की रक्षा कैसे कर पाएंगे? आवश्यकता पडऩे पर शस्त्र का प्रयोग करते रहना हैं। सनातन धर्म में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शुद्र भी हैं। इसमें शिक्षा, रक्षा, सेवा संतुलित रहे। अस्तित्व की रक्षा के लिए आवश्यकता हो तो शस्त्र बल का भी प्रयोग करना चाहिए। उक्त बातें शुक्रवार को अंबिकापुर स्थित हरिमंगलम में आयोजित दर्शन, दीक्षा एवं संगोष्ठी कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा के दौरान शंकराचार्य निश्चचलानंद सरस्वती (Shankaracharya Nishchalanand) ने कही।

People reached to meet Shankaracharya Nishchalanand Saraswati

तीन दिवसीय प्रवास पर अंबिकापुर पहुंचे शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती (Shankaracharya Nishchalanand) ने धर्म परिवर्तन को लेकर कहा कि सनातन धर्म दर्शन, विज्ञान, व्यवहार तीनों दृष्टियों से परिणूर्ण है। सेवा के नाम पर हिन्दूओं को धर्म परिवर्तन का जघन अपराध चल रहा है और यह कार्य शासन की सहभागिता के कारण हो रही है।

Shankaracharya Nishchalanand

कुछ धर्म विशेष का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि सेवा के नाम इनके द्वारा शोषण किया जा रहा है। सिद्धांतों, आध्यात्म की रक्षा करने से भारत संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य के बाद से अब तक सनातन परम्परा को लोगों ने कुचलने का ही प्रयास किया है।

योग्यता के अनुसार नहीं मिल रही नौकरी

युवाओं द्वारा किए जा रहे आत्महत्या के बारे में उन्होंने (Shankaracharya Nishchalanand) कहा कि आधुनिक शिक्षा में योग्यता के अनुसार नौकरी नहीं मिलने के कारण लोग आत्महत्या कर रहे हैं। प्राइवेट कंपनियों में भी नौकरी की होड़ मची हुई है।

Shankaracharya Nishchalanand: सनातन बोर्ड की आवश्यकता

सनातन बोर्ड के सवाल पर उन्होंने (Shankaracharya Nishchalanand) कहा कि बोर्ड है ही नहीं, चार शंकराचार्य हैं। बोर्ड बनाने की आवश्यकता पहले से ही है। शासन तंत्र इसकी उपयोगिता को समझे। सुसंस्कृति, सुशिक्षित, सुरक्षित, संपन्न, सेवा प्रायिण, स्वस्थ्य, अभिकर्तव्य, समाज की संरचणा यही राजनीति की परिभाषा है।

Published on:
27 Sept 2024 07:06 pm
Also Read
View All
Crime in Ambikapur: स्कूटी सवार युवती से छेडख़ानी, साथ रहे भाई ने विरोध किया तो बेल्ट-डंडे से बेरहमी से पीटा, CCTV में कैद हुई करतूत

Home Loan Fraud: होम लोन के 1.05 करोड़ दिलाकर कृषि विस्तार अधिकारी से 57 लाख की ठगी, कहा था- टेंशन मत लेना, सभी किस्तें मैं भरूंगा

BJP Leader Murder Case: भाजपा नेता की जलाकर हत्या मामले में तीसरी मौत, भाई के बाद अब शिक्षक ने भी तोड़ा दम, फरसे से किया था वार

Loot in Surguja: स्कूटी सवार युवती से दिनदहाड़े 38 हजार की लूट, बाइक सवार नकाबपोशों ने थैला खींचा तो गिरकर हुई घायल

Land Fraud in Ambikapur: बेवा की 24 डिसमिल जमीन का सौदा कर करा ली 3.14 एकड़ की रजिस्ट्री, रायपुर की महिला समेत 6 के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर