
अंबिकापुर. पुलिस हिरासत से भागकर चोरी के अभियुक्त द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या (Pankaj Bek Suicide case) के मामले में रविवार की देर रात कोतवाली पुलिस ने यहीं के तात्कालीन टीआई सहित 5 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक द्वारा पुलिस हिरासत में लगातार हो रही मौत के संबंध में सवाल लगाए गए थे। इस कार्रवाई को इसी से जोडक़र देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि 13 लाख रुपए चोरी के आरोप में पुलिस ने भटगांव थानांतर्गत ग्राम सलका-अधिना निवासी पंकज बेक पिता अमीरसाय 30 वर्ष को 21जुलाई 2019 की दोपहर उसके साथी अंबिकापुर निवासी इमरान के साथ कोतवाली पुलिस ने हिरासत में लिया था। रात में साइबर सेल स्थित हिरासत से पंकज बेक कथित तौर पर भाग निकला था और डॉ. परमार के हॉस्पिटल के विंडो कूलर में रबर पाइप के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली थी।
मामले में मजिस्ट्रेट्स की उपस्थिति में शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया था। पंकज बेक की मौत के मामले में मर्ग इंटीमेशन की जांच मजिस्ट्रेट्स द्वारा कराया गया था। मजिस्ट्रियल जांच में मौत की वजह दम घुटने से बताई गई थी। मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर काफी सवाल खड़े किए जा रहे थे।
इसे लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने देश के गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। गृहमंत्री ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था।
कोतवाली टीआई विलियम टोप्पो ने रविवार को प्रभार ग्रहण करने के साथ ही आला अधिकारियों के निर्देश पर मामले में तात्कालीन टीआई विनीत दुबे, एसआई प्रियेश जॉन, एसआई मनीष यादव, आरक्षक दीनदयाल सिंह व लक्ष्मण राम के खिलाफ धारा 306 व 34 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।
कार्रवाई से मृतक की पत्नी असंतुष्ट
मृतक पंकज बेक की पत्नी रानू बेक ने मामले में धारा 306 व 34 के तहत जुर्म दर्ज करने पर पुलिस विवेचना पर सवाल खड़े किए हैं। रानू बेक ने कहा है कि वह मामले में धारा 306 के तहत जुर्म दर्ज किए जाने से असंतुष्ट है। मेरे पति की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया गया था। मामले में धारा 302 के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना किया जाना था। मैं मामले को लेकर हाईकोर्ट तक जाऊंगी। जिस तरह से रिपोर्ट लिखा गया है उसमें काफी त्रुटियां हैं और कहीं न कहीं पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास किया गया है।
विलंब से हुई है कार्रवाई
अधिवक्ता राजेश सिन्हा का कहना है कि पुलिस ने विलंब से ही सही लेकिन सही कार्रवाई की है। बहुप्रतिक्षित मामले में जिसमें पुलिस विभाग के स्वयं अधिकारी-कर्मचारी लिप्त थे। उसमें पुलिस द्वारा उन्हें बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया गया, क्योंकि इस मामले में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लपेटे में आ रहे थे।
अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थों पर दबाव बनाकर कथित चोरी के मामले में पंकज बेक पर चोरी का अपराध स्वीकार करने का दबावा बनाया गया था, और त्वरित खुलासा किए जाने की बात कही गई थी। इसके कारण पंकज बेक की आत्महत्या की स्थिति निर्मित हुई थी। मामले में अभी और भी गम्भीर धाराएं जुड़ सकती हैं।
5 के खिलाफ अपराध दर्ज
पंकज बेक सुसाइड केस मामले में कोतवाली के तात्कालीन टीआई समेत 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
आशुतोष सिंह, एसपी, सरगुजा
चंदौरा थाने में युवक ने लगाई थी फांसी, एसआई सहित 4 पर जुर्म दर्ज
प्रतापपुर (Surajpur). जून माह में चंदौरा थाने के लॉकअप में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले की जांच में यह बात सामने आई कि बिना किसी लिखित शिकायत के ही ग्रामीण युवक को पुलिस ने लॉकअप में रखा था। इस लापरवाही पर चंदौरा थाने में एक एसआई सहित चार पर अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों में एक होमगार्ड भी शामिल है। दरअसल बलरामपुर थाना क्षेत्र निवासी 30 वर्षीय कृष्णा सारथी पत्नी से मिलने ससुराल चंदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम डोमहत आया था।
यहां विवाद के बाद उसने पत्नी सुंदरमणि के साथ मारपीट की थी। इस पर 26 जून 2019 को सुंदरमणि ने चंदौरा थाने में पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत की थी। इस पर पुलिस ने महिला के पति को कृष्णा सारथी को हिरासत में लेकर बिना किसी लिखित शिकायत के ही लॉकअप में डाल दिया। इसके बाद कृष्णा ने लॉकअप के अंदर ही चादर को फाडक़र फांसी लगाकर जान दे दी थी। इस घटना से विभाग में हडक़ंप मच गया था।
तत्कालीन एसपी गिरजाशंकर जायसवाल ने मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी आरडी सिंह सहित १० पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। मामले की मजिस्ट्रियल व विभागीय जांच चल रही थी। पीएम रिपोर्ट में भी आत्महत्या की ही पुष्टि हुई थी।
इनपर अपराध दर्ज
उक्त मामले की जांच में उस वक्त ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी बिना लिखित शिकायत के ही कृष्णा को लॉकअप में रखने के दोषी पाए गए। इसके आधार पर 24 नवंबर को थाना चंदौरा में एसआई आरडी सिंह, प्रधानआरक्षक देवराज, आरक्षक प्रमोद व एक होमगार्ड पर धारा 342 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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