एकलव्य विद्यालय मैनपाट से जिला मुख्यालय अंबिकापुर के लिए पैदल निकले 400 छात्रों से मिलने अफसरों के साथ खुद ही पहुंच गए कलेक्टर, रास्ते में छात्रों से कलेक्टर ने की मुलाकात
अंबिकापुर. मैनपाट स्थित एकलव्य बालक विद्यालय करीब 400 छात्र कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल ही सोमवार को कुच कर दिया। मैनपाट से अंबिकापुर की दूरी करीब 60 किमी है। दरअसल प्रभारी उपप्राचार्य अक्सर छात्रों से गाली देकर बात करता था। छात्रों के पैदल अंबिकापुर के लिए निकलने की जानकारी कलेक्टर भोस्कर विलास संदीपन को लगी तो वे छात्रों से मिलने अधिकारियों के साथ निकल पड़े। इनकी बच्चों से मुलाकात अंबिकापुर व मैनपाट के बीच स्थित ग्राम नवानगर में हुई। बच्चों ने कलेक्टर से विद्यालय के प्रभारी उप प्राचार्य के खिलाफ अभद्रता और अमर्यादित व्यवहार किए जाने की शिकायत की।
एकलव्य बालक विद्यालय मैनपाठ के करीब 400 बच्चे शिकायत लेकर पैदल ही कलेक्टर से मिलने अंबिकापुर आ रहे थे। छात्रों का आरोप था कि प्रभारी उप प्राचार्य अक्सर उनसे गाली देते हुए बात करते हैं। विरोध करने पर मारपीट करने लगते हैं। साथ ही छात्रावास से निकाल देने की धमकी भी देते हैं।
कुछ दिनों पूर्व शिकायत करने पर अधिकारियों द्वारा प्रभारी उप प्राचार्य को हटाया गया था, मगर रविवार की रात वे फिर छात्रावास में पहुंच गए और छात्रों से कहा कि वापस आ रहा हूं, फिर गाली-गलौज करने लगे।
इससे नाराज एकलव्य के 400 बच्चे पैदल ही कलेक्टर से मिलने मैनपाठ से अंबिकापुर के लिए निकल गए थे। इधर मार्ग में छात्रों को रोकने अधिकारियों द्वारा कोशिश की जाती रही थी। मगर बच्चे किसी की बात सुनने के लिए तैयार नहीं थे।
कलेक्टर ने छात्रों से नावानगर में की मुलाकात
इधर जानकारी लगते ही कलेक्टर स्वयं छात्रों से मिलने अंबिकापुर से अधिकारियों के साथ निकल पड़े। छात्रों से कलेक्टर की मुलाकात नवानगर में हुई। कलेक्टर ने उनकी बातों को गंभीरतापूर्वक सुना और तत्काल जरूरी कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए।
एकलव्य विद्यालय की मॉनिटरिंग के लिए नायब तहसीलदार को नोडल बनाने के निर्देश दिए। छात्रों द्वारा प्रभारी प्राचार्य के व्यवहार की शिकायत पर पुलिस को प्रकरण दर्ज कर नियमनुसार जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की किताबों, गणवेश, कंप्यूटर और शिक्षकों की मांग पर व्यवस्था के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।