HIGHLIGHTS अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) दावा किया है कि ( America ) ने कोरोना वैक्सीन ( Coronavirus vaccine ) के 2 मिलियन से ज्यादा डोज तैयार कर लिए हैं। ट्रंप ने कहा कि ये जैसे ही सुरक्षा जांच में पास हो जाते हैं, फौरन ही इसका ट्रांसपोर्टेशन शुरू कर दिया जाएगा। कोरोना मरीजों के लिए दवा का अमरीका में क्लीनिकल ट्रायल ( Clinical Trail ) चल रहा है और इसके तीसरे चरण में पॉजिटिव रिजल्ट आए हैं।

वॉशिंगटन।कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus epidemic ) से पूरा विश्व जूझ रहा है और इसके समाधान के लिए कोरोना वैक्सीन ( Corona vaccine ) या अन्य दवा को इजाद करने लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक व चिकित्सक लगातार कोशिश कर रहे हैं। इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( US President Donald Trump ) ने बड़ा दावा किया है।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि गुरुवार को कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बड़ी बैठक हुई है। इस बैठक में कोरोना वैक्सीन को लेकर चर्चाएं हुई।
अमरीका ( America ) ने कोरोना वैक्सीन के 2 मिलियन से ज्यादा डोज तैयार कर लिए हैं। ये जैसे ही सुरक्षा जांच में पास हो जाते हैं, फौरन ही इसका ट्रांसपोर्टेशन शुरू कर दिया जाएगा।
अमरीका के पास कोरोना वैक्सीन के 2 मिलियन डोज
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हम कोरोना वैक्सीन को लेकर अविश्वसनीय रूप से अच्छा कर रहे हैं। हमें अभी तक बहुत ही अच्छा परिणाम देखने को मिल रहा है और वैक्सीन को लेकर बहुत प्रगति हो रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि ये वैक्सीन सुरक्षा जांच में पास हो जाता है तो हम इसके परिवहन और लॉजिस्टिक के लिए तैयार हैं। हमारे पास अभी दो मिलियन से ज्यादा डोज तैयार हैं।
ट्रंप ने आगे कहा कि दुनियाभर के 186 देश कोरोना से पीड़ित हैं। हम वैक्सीन को लेकर पूरे विश्व के लिए काम कर रहे हैं। आपको बता दें कि इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि इस साल के अंत तक कोरोना वैक्सीन आ जाएगा। उन्होंने कहा था कि अमरीकी सरकार रेमेडेसिवीर ( Ramdesvir ) दवा के पीछे 'अपनी पूरी ताकत' लगा रही है। इस दवा ने कोरोना वायरस के कारण होने वाली बीमारी के इलाज में अच्छे नतीजे दिए हैं।
मालूम हो कि कोरोना मरीजों के लिए दवा का अमरीका में क्लीनिकल ट्रायल ( Clinical Trail ) चल रहा है और इसके तीसरे चरण में पॉजिटिव रिजल्ट आए हैं। रेम्डेसिविर नाम की यह दवा कंपनी गिलीड साइंसेज ने बनाई है और डॉक्टरों की एक टीम इसके क्लीनिकल ट्रायल पर नजर रख रही है।