अमरीका

रूस-चीन की कोशिश नाकाम, रोहिंग्या अत्याचारों पर सुरक्षा परिषद ब्रीफिंग रोकने में रहे असफल

यह सुनवाई म्यांमार के राष्ट्रीय बलों के वरिष्ठ नेताओं पर नरसंहार के आरोपों पर अभियोग के लिए हो रही है।
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Oct 25, 2018
china russia fails to interuppt rohingya briefing in united nation
रूस-चीन की कोशिश नाकाम, रोहिंग्या अत्याचारों पर सुरक्षा परिषद ब्रीफिंग रोकने में रहे असफल

संयुक्त राष्ट्र। चीन और रूस म्यांमार के रोहिंग्या मुद्दे की ब्रीफिंग रोकने में नाकाम रहे। बताया जा रहा है कि सुरक्षा परिषद ने रोहिंग्याओं के खिलाफ कथित अत्याचारों की स्वतंत्र जांच कर रहे संस्था के प्रमुख को सुना। यह सुनवाई म्यांमार के राष्ट्रीय बलों के वरिष्ठ नेताओं पर नरसंहार के आरोपों पर अभियोग के लिए हो रही है।

जिम्मेदार लोगों पर अभियोग चलाने के लिए गठित हो अधिकरण

मानवाधिकार परिषद द्वारा म्यांमार के लिए स्थापित स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्यान्वेषण मिशन के अध्यक्ष मारजूकी डारुस्मान ने कहा कि उन्होंने मानवता के खिलाफ अपराध व युद्ध अपराधों के सबूत पाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने परिषद से मामले को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के पास भेजने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर अभियोग चलाने के लिए एक अतंरराष्ट्रीय आपराधिक अधिकरण गठित करने को कहा है।

चीन और रूस का तर्क

मीडिया रिपोर्ट की माने तो उन्हें बोलने की इजाजत दिए जाने से पहले चीन और रूस ने इस ब्रीफिंग में बाधा डालते हुए कहा कि यह केवल मामले को और रोहिंग्या संकट के हल को और अधिक पेचीदा बनाएगा। दूसरी ओर रूसी स्थायी प्रतिनिधि वैसिली नेबेनजिया ने रिपोर्ट को अधूरा और अविश्वसनीय बताते हुए खारिज कर दिया और चिन्हित किया कि अमरीका ने इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मानवाधिकार परिषद से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। हालांकि अमरीका अब मिशन का समर्थन कर रहा है।

Published on:
25 Oct 2018 05:50 pm