ट्रंप ने कहा कि बेशक जापान और दक्षिण कोरिया चाहता है कि टीपीपी में वाशिंगटन को दोबारा शामिल हो लेकिन इसके बावजूद, वह इसमें शामिल नहीं होना चाहते।
वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्रांस-पैसिफिक साझेदारी(टीपीपी) में दोबारा शामिल होने का इरादा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि बेशक जापान और दक्षिण कोरिया चाहता है कि टीपीपी में वाशिंगटन को दोबारा शामिल हो लेकिन इसके बावजूद, वह इसमें शामिल नहीं होना चाहते। ट्रंप ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात के कुछ देर बाद ही ट्वीट कर यह बात कही।
जापान के पीएम से मिलने के बाद किया ये ट्वीट
उन्होंने ट्वीट में कहा कि 'जापान और दक्षिण कोरिया चाहते हैं कि हम टीपीपी में शामिल हों। इसमें कई तरह के आकस्मिक व्यय हैं और इसके काम नहीं करने की स्थिति में, इससे बाहर निकलने का भी कोई रास्ता नहीं है।' उन्होंने आगे लिखा कि, 'द्विपक्षीय सौदे ज्यादा दक्षतापूर्ण, लाभप्रद और हमारे कामगारों के लिए बेहतर होते हैं।'
वाणिज्य मंत्री का बयान इससे जुदा
गौरतलब है कि राष्ट्रपति का यह बयान अमरीका के वाणिज्य मंत्री विलबर रोस के बयान के विपरीत है। इससे पहले रोस ने 12 अप्रैल को कहा था कि उनका देश टीपीपी में दोबारा शामिल होने पर विचार कर रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि यह बेहतर परिस्थितियों में किया जाएगा।
विश्व व्यापार संगठन का उदाहरण
ट्रंप ने बहुपक्षीय समझौते के असफल होने के उदाहरण के तौर पर विश्व व्यापार संगठन का भी उल्लेख किया, जिसकी उन्होंने पहले कई मौके पर चीन के खिलाफ कदम नहीं उठाने के लिए आलोचना की है।
आठ मार्च को हुआ था संशोधित टीपीपी पर हस्ताक्षर
फ्लोरिडा के पाम बीच से जाने से पहले आबे ने टीपीपी में अमेरिका की संभावित वापसी पर चर्चा करने की इच्छा जताई, हालांकि उन्होंने अमरीका द्वारा सौदा स्वीकार करने के लिए वार्ता टेबल पर वापस लौटने से इंकार कर दिया। संशोधित टीपीपी, सीपीटीपीपी(कंप्रेहेंसिव एंड प्रोग्रेसिव एग्रीमेंट फॉर ट्रांस-पेसिफिक) से अमरीका के बाहर निकलने के बाद आठ मार्च को बाकी बचे 11 देशों ने हस्ताक्षर किए थे।