
नई दिल्ली : हाल ही में अमरीका ने चुनिंदा इस्पात एवं एल्युमीनियम उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। इससे भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। एक अनुमान के मुताबिक इससे भारत पर करीब 1650 करोड़ रुपए (24.1 करोड़ डॉलर ) का आर्थिक बोझ पड़ा है। इसके जवाबी कार्रवाई में भारत समेत कई देशों ने अमरीका से आने वाले सामान पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है।
भारत ने दिया जवाब
भारत ने अमरीका से आने वाले कई उत्पादों पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है। इन उत्पादों में बंगाली चना, मसूर दाल और आर्टेमिया शामिल हैं। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, ये शुल्क 4 अगस्त से प्रभावी होंगे। मटर और बंगाली चने पर शुल्क बढ़ाकर 60 प्रतिशत तथा मसूर दाल पर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। इनके अलावा बोरिक एसिड पर 7.5 प्रतिशत तथा घरेलू रीजेंट पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है। आर्टेमिया (एक प्रकार की झींगा मछली) पर शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। इनके अलावा चुनिंदा किस्म के नटों, लोहा एवं इस्पात उत्पादों, स्टेनलेस स्टील के चपटे उत्पाद, मिश्रधातु इस्पात, ट्यूब - पाइप फिटिंग, स्क्रू, बोल्ट, रिवेट, सेब और नाशपाती, पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया है। वहीं अमरीका से आयातित मोटर साइकिलों का सीमा शुल्क यथावत रहने दिया गया है।
भारत को यूरोपीय यूनियन, चीन व तुर्की का मिला साथ
ट्रम्प सरकार की इन संरक्षणवादी नीतियों के कारण उसने दुनियाभर के देशों को अघोषित ट्रेड वॉर में झोंक दिया है। इससे वैश्विक बाजार की स्थिरता भी खतरे में पड़ गई है। अमरीका की ओर से पहले चीन से आयात पर ट्रेड टैरिफ बढ़ाया गया था। इस पर उसने पलटवार किया था। अब इस युद्ध में उसे यूरोपीय यूनियन के साथ-साथ भारत और तुर्की का साथ भी मिल चुका है। भारत ने अमरीका से आने वाले 29 उत्पादों पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है। अब तुर्की भी इसमें शामिल हो गया है। उसने अमरीका से आयातित वस्तुओं पर 267 मिलियन डॉलर मूल्य का आयात शुल्क लगाने जा रहा है।
चीन पहले ही कर चुका है ऐसा
बता दें कि अमरीका ने चीन से आने वाले 50 अरब डॉलर के उत्पादों पर पिछले हफ्ते सीमा शुल्क लगाया है। इस पर पलटवार करते हुए चीन ने भी अमरीका के 50 अरब डॉलर के 659 उत्पादों पर शुल्क लगा दिया था। इसके बाद ट्रंप ने चीन को परोक्ष रूप से धमकी दी कि वह 200 अरब डॉलर के अतिरिक्त चीनी सामानों पर शुल्क लगा सकता है तो चीन ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि इसके लिए चीन तैयार है और वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसा हुआ तो वह जवाबी कदम उठाएगा।