अमरीकी सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रंप को कई बार इससे संबंधित चेतावनी दी है, लेकिन फिर भी ट्रंप पर इसका कोई असर नहीं है। वे राष्ट्रपति बनने के बाद भी आईफोन का मोह नहीं छोड़ रहे हैं।
वाशिंगटन। अमरीका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर में एक नया मोड़ आया है। दरअसल चीन और रूस, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हर चाल पर नजर रखने के लिए एक नई तरकीब निकाली है। मीडिया रिपोर्ट्स में हो रहे दावों की माने तो दोनों देश मिलकर ट्रंप के आईफोन को टैप कर रहे हैं। हालांकि अमरीकी सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रंप को कई बार इससे संबंधित चेतावनी दी है, लेकिन फिर भी ट्रंप पर इसका कोई असर नहीं है। वे राष्ट्रपति बनने के बाद भी आईफोन का मोह नहीं छोड़ रहे हैं।
ट्रंप की पर्सनल बातों को सुनकर कर रहे हैं प्लानिंग
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों प्रतिद्वंदी देश इसका फायदा उठा रहे हैं। वे ट्रंप की पर्सनल बातों को सुनकर लगातार इस बारे में अपनी सरकार को सूचित कर रहे हैं। इस बारे में अमरीका के दो प्रमुख अखबारों ने सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों का हवाला देते हुए रिपोर्ट छापी है, जिसमें दावा किया गया है कि आईफोन बेहद असुरक्षित है। इसके चलते अमरीकी सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की माने तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दोस्तों और करीबियों से संपर्क करने के लिए एक निजी आईफोन का इस्तेमाल करते हैं। चीन और रूस की सरकार की ओर से नियुक्त किए गए जासूस मोबाइल टावर हैक करके राष्ट्रपति ट्रंप की निजी बातें अपनी सरकार को मुहैया करा रहे हैं।
ट्रंप के पास तीन आईफोन
सुरक्षा एजेंसियों की माने तो ट्रंप के पास तीन आईफोन है, जिनमें से दो आईफोन सरकारी हैं और एक वे निजी कामों के लिए इस्तेमाल करते हैं। सरकारी आईफोनों को अमरीकी सुरक्षा एजेंसी सीआईए की ओर से सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन तीसरे आईफोन की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा गई थी।
सुरक्षा एजेंसियों की ट्रंप को सलाह
खबरों के मुताबिक ट्रंप आमतौर दोस्तों का हालचाल जानने के साथ-साथ मीडिया में आ रही उनसे संबंधित खबरों पर प्रतिक्रिया जानने के लिए इस आईफोन का इस्तेमाल करते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने कई बार ट्रंप को चेतावनी दी है कि वे इस फोन से अमरीकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कोई बात न करें।