
वाशिंगटनः चीन में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को प्रताड़ित करने का नया मामला सामने आया है। उइगर समुदाय की एक महिला मीडिया के सामने आकर चीन की हकीकत दुनिया के सामने रख दी है। महिला ने बताया कि उसे तीन बार हिरासत केंद्रों में रखा गया और बदसलूकी की गई। महिला ने कहा कि हिरासत केंद्रों में उसे तरह-तरह की यातनाएं दी गई। यहां तक कि उसके सिर के बाल भी मुड़वा दिए गए। उसने बताया कि हिरासत केंद्रों में लोगों से जबरन चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की तारीफ वाले गाने भी गवाए जाते हैं।
महिलाओं के साथ ऐसे किया जाता है व्यवहार
तुरसुन ने बताया कि महिला शौचालय के सामने सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। महिला कैदियों को अज्ञात दवाएं भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि महिला कैदियों को एक साथ सोने नहीं दिया जाता। कैदियों को अपनी मातृभाषा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक प्रथाओं को छोड़ने के लिए विवश किया जाता है।
महिला ऐसे हुई थी गिरफ्तार
मौजूदा समय में अमरीका के वर्जीनिया में रहने वाली उइगर समुदाय की मिहरिगुल तुरसुन बताती हैं कि उन्हें चीन से सितंबर महीने में रिहा किया गया था। उन्होंने कहा कि वह बचपन में चीन में ही पढ़ाई की लेकिन उच्च शिक्षा के लिए मिस्र चली गई थीं। वहीं उन्होंने शादी कर ली और उनके तीन बच्चे हुए। 2015 में जब वह अपने परिवार से मिलने के लिए चीन लौटी थीं, हिरासत में ले ली गईं। इस दौरान उन्हें कई तरह की यातनाएं दी गई। तीन महीने की हिरासत के दौरान उनके एक बच्चे की मौत भी हो गई।