अमरीका

अमरीका: वाइट हाउस ने जारी किया आधिकारिक बयान, कहा- पत्रकार जमाल खशोगी की मौत से दुःख है

वाइट हाउस ने कहा है कि अमरीका इस निर्भीक और निडर पत्रकार की हत्या से बेहद आहत है
2 min read
• •
Updated: 20 Oct 2018, 9:40 AM IST
white house
अमरीका: वाइट हाउस ने जारी किया आधिकारिक बयान, कहा- पत्रकार जमाल खशोगी की मौत से दुःख है

वाशिंगटन। वाइट हाउस ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि अमरीका सऊदी पत्रकार जमाल खशोगगी के निधन के बारे में सुनकर बेहद दुखी है। वाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'खशोगी की मौत की पुष्टि सुनने के बाद हम दुखी हैं।हम उनके परिवार, मंगेतर और दोस्तों को अपनी गहरी संवेदना देते हैं।' प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने लापता लेखक के मामले में जांच और शामिल संदिग्धों के खिलाफ की गई कार्रवाई की प्रगति के बारे में सऊदी अरब की घोषणा को स्वीकार किया।

आहत है अमरीका

सारा सैंडर्स ने कहा कि अमरीका इस निर्भीक और निडर पत्रकार की हत्या से बेहद आहत है। सैंडर्स ने वाशिंगटन पोस्ट के स्तंभकार के मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भी आग्रह किया और कहा, "हम इस दुखद घटना में अंतर्राष्ट्रीय जांच मानदंडों का पालन करना जारी रखेंगे और न्याय के लिए वकालत करेंगे। हम कोशिश करेंगे कि जो भी चीजें हों वह समय पर, पारदर्शी और सभी उचित प्रक्रियाओं के अनुसार हों।"

संयक्त राष्ट्र महासचिव ने व्यक्त किया शोक

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो ग्युटेरेस के हवाले से खशोगी के परिवार और दोस्तों को शोक व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया। बयान में कहा गया है, "जमाल खशोगगी की मौत की पुष्टि से महासचिव बेहद दुःख में हैं। वह खशोगी के परिवार और दोस्तों के प्रति शोक व्यक्त करते है।" ग्युटेरेस ने अपने बयान में कहा कि खशोगी की मौत की परिस्थितियों पर तत्काल, पूर्ण और पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर बल दिया जाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के प्रति उनकी जवाबदेही के लिए कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।"

खशोगी की हुई हत्या

बता दें कि सऊदी अरब के अटॉर्नी जनरल ने पुष्टि की कि प्रारंभिक जांच इस बात की और इशारा करती है कि पत्रकार जमाल खशोगी की मौत हो चुकी है। खशोगी इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करने के बाद 2 अक्टूबर को गायब हो गए थे।सऊदी अटॉर्नी जनरल ने कहा कि उनकी मृत्यु एक शारीरिक विचलन के कारण हुई थी जो वाणिज्य दूतावास में हुई थी। इसके अलावा अटॉर्नी जनरल ने उल्लेख किया कि इस मामले में आगे जांच की जा रही है। उधर तुर्की के राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि सऊदी अरब के शाह और तुर्की के राष्ट्रपति ने आपसी जानकारियों को साझा किया है और जांच में सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की है। बात दें कि अभी तक खशोगी का शव बरामद नहीं हो सका है। तुर्की पुलिस का कहना है कि हो सकता कि खशोगी के शव को पास के जंगलों में ठिकाने लगा दिया गया हो।

Updated on:
20 Oct 2018, 9:40 AM IST
Published on: