अमरीका ने कहा है कि जब तक उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों का बंद करने की ओर कदम नहीं बढ़ाता है तब तक उसे कोई भी रियायत नहीं मिलेगा।
नई दिल्ली । उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के परमाणु परीक्षण पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत करने के बाद वाइट हाउस ने एक बार फिर से कहा है कि उत्तर कोरिया अमरीका को भोला-भाला न समझें। अमरीका ने कहा है कि जब तक उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों का विखंडन करने की ओर अग्रसर नहीं होता है तब तक अमरीका उसे किसी भी तरह का रियायत नहीं देगा।
बता दें कि वाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा हुकाबी सैंडर्स ने यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि वाइट हाउस उत्तर कोरिया के बातों का विश्वास तबतक नहीं करेगा जबतक कि वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर रोक लगाने की दिशा में आगे नहीं बढ़ जाता है।
हमें अभी बहुत लंबा रास्ता तय करना है : सारा सैंडर्स
आपको बता दें कि सोमवार को सारा सैंडर्स ने जोर देकर कहा कि अमरीका इस प्रक्रिया में भोला-भाला रवैया नहीं अपनाएगा और पिछले प्रशासन द्वारा की गई गलतियों को नहीं दोहराएगा। उन्होंने कहा, "हम उत्तर कोरिया को उसके शब्दों की तरह नहीं लेंगे। हमारा लक्ष्य प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त होते देखना है और हम अपना अधिक दबाव अभियान तब तक जारी रखेंगे, जब तक हम उत्तर कोरिया को पूर्ण रूप से परमाणु मुक्ति की ओर ठोस कदम उठाते नहीं देख लेते।"
आगे सारा ने कहा कि अमरीका इस मामले में सीधा-साधा बनकर नहीं रहेगा। वाइट हाउस ने अब तक कुछ कदम सही दिशा में बढ़ते देखा है, लेकिन हमें अभी बहुत लंबा रास्ता तय करना है। एक सवाल के जवाब में सारा सैंडर्स ने कहा कि अमरीका कोई भी प्रतिबंध तब तक वापस नहीं लेगा जब तक कि उत्तर कोरिया परमाणु मुक्त होने की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा लेता है। सारा से पूछा गया था कि क्या अमरीका उत्तर कोरिया पर लगाए कुछ प्रतिबंधों को वापस लेना जारी रखेगा।
उत्तर कोरिया ने परमाणु और मिसाइल परीक्षणों पर लगाई रोक
आपको बता दें कि उत्तर कोरिया के तानाशाह शासक ने किम जोंग उन ने कथित तौर पर अमरीका दौरे से पहले अपने परमाणु और मिसाइल परीक्षणों पर रोक लगाने का फैसला किया था। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसला का स्वागत किया था। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए लिखा 'उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण प्रोग्राम रोकने पर राजी हो गया है। यह उत्तर कोरिया और दुनिया के लिए बहुत ही अच्छी खबर है।'