मुंगावली विधायक ने वेयर हाउस में रखे चना की जांच की तो हुआ मामला उजागर
अशोकनगर. खरीदी केंद्र समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज तो बारीकी से होने वाली गुणवत्ता जांच में पास होने के बाद ही खरीद रहे हैं और एक दाना भी यदि खराब मिलता है तो रिजेक्ट कर देते हैं। अच्छा अनाज खरीदने के बाद केंद्र संचालक खुद ही मिलावट कर रहे हैं। जहां नागरिक आपूर्ति निगम ने जिले के 11 खरीदी केंद्रों का जमा होने आया 4569 क्विंटल गेहूं खराब गुणवत्ता होने से रिजेक्ट कर दिया। वहीं मुंगावली विधायक ने वेयर हाउस में रखे चना में 5-5 किलो के पत्थर मिले हुए पकड़े। इससे हड़कंप मच गया।
जिले के 41 केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की कार्य चल रहा है। खरीदा हुआ यह गेहूं वेयर हाउसों में जमा होने के लिए आया, तो नागरिक आपूर्ति निगम को 11 केंद्रों का गेहूं खराब गुणवत्ता का मिला। जिसे निगम ने रिजेक्ट कर दिया है। इससे यह खराब गुणवत्ता का 4569 क्विंटल 18 किलो गेहूं वेयर हाउसों में जमा नहीं हो पाया और इसे खरीदी केंद्रों को वापस लौटा दिया गया है। इससे गेहूं से भरे हुए ट्रक वापस तो खरीदी केंद्रों के लिए लौट गए। लेकिन इस खरीदे गए गेहूं की गुणवत्ता खराब कैसे हुई, इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है और न हीं इस मामले की जांच कराई जा रही है।
सेवा सहकारी समिति ईसागढ़ ने 10 हजार 206 क्विंटल 50 किलो गेहूं खरीदा, जिसमें से दो हजार क्विंटल गेहूं खराब पाया गया, जो केंद्र की कुल खरीदी का 19.59 फीसदी है। वहीं सेवा सहकारी समिति रातीखेड़ा ने अब तक 2085 क्विंटल गेहूं खरीदा, जिसमें से 1021 क्विंटल गेहूं खराब मिला। जो केंद्र की कुल खरीद का 49 फीसदी है। इसके अलावा छैवलाई खरीदी केंद्र पर खरीदे गए गेहूं में से 242 क्विंटल खराब गुणवत्ता का मिला। रिजेक्ट कर अधिकारियों ने खराब गुणवत्ता के गेहूं को वापस केंद्रों को तो लौटा दिया। लेकिन इससे अब इस खराब गुणवत्ता के गेहूं का अन्य अच्छी गुणवत्ता के गेहूं में मिलावट होने की आशंका है। किसानों की मानें तो रात के समय कई केंद्रों पर तो गेहूं मिट्टी मिलाकर बोरियो में पैक कर दिया जाता है, जो वेयर हाउसों में जमा हो जाता है। कलेक्टर ने चना विपणन सहकारी समिति को ब्लेक लिस्टेड कर समिति प्रबंधक को निलंबित कर दिया है।
यहां चना की बोरियों में मिले पत्थर, मिट्टी और टूटन
ओवर ब्रिज के पास स्थित सरकारी बेयर हाउस के गोदाम नंबर ६ पर ईसागढ़ विपणन केन्द्र पर खरीदा गया 300 बोरी चना जमा होने आया था, जिसमें बड़े पत्थर, टूटन व मिट्टी मिली पाई गई। इस पर मुंगावली विधायक बृजेन्द्रसिंह यादव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीदी केन्द्रों पर किसानों के अच्छे माल को खराब बताकर लौटाया जा रहा है और दूसरी तरफ जमा होने के लिए इतना घटिया चना भेजा जा रहा है।
बोरी में पत्थर मिलने का मतलब है कि इसे वजन बढ़ाने के लिए रखा गया है। विधायक ने रविवार शाम को वेयर हाउस में रखी बोरियों की परखी लगाकर जांच और बोरियां खुलवाकर उसमें मिले पत्थर बताए। हंगामे के बाद अपर कलेक्टर एके चांदिल, जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारी व तहसीलदार सूर्यकांत त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। बोरियों में निकले चने को देखकर अधिकारी भी सन्न रह गए। अधिकारियों ने माल को वापस कराने की कार्रवाई करने की बात कही। मामले पर विधायक ने मांग की है कि दोषी पर एफआईआर की जाए, साथ ही चेतावनी भी दी है यदि प्रकरण दर्ज नहीं हुआ तो कांग्रेस कल से धरना प्रदर्शन करेगी।
रिजेक्ट किए गए
गेहूं की स्थिति
खरीदी केंद्र रिजेक्ट
सहकारी समिति शाढ़ौरा 300
सहकारी समिति ईसागढ़ 2000
सहकारी समिति कदवाया 250
सहकारी समिति प्राणपुर 500
सहकारी समिति मुंगावली140.21
सहकारी समिति छैवलाई 242.03
सहकारी समिति रातीखेड़ा 1021
सहकारी समिति नादनखेड़ी90.93
सहकारी समिति डोंगर 11.78
सहकारी समिति कुकरेटा 1.52
विपणन समिति मुंगावली 11.71
कुल 456 9.18
(मात्रा क्विंटल में, आंकड़े खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार।)
खराब गुणवत्ता होने की वजह से गेहूं को रिजेक्ट किया गया है। जिसमें कुछ का कारण तो ज्यादा नमी पाए जाने से रिजेक्ट हुए, तो कुछ अन्य कमियां पाए जाने से। इससे रिजेक्ट गेहूं को खरीदी केंद्रों को लौटा दिया गया है।
आरएस सोलंकी, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम अशोकनगर
विधायक की शिकायत पर यहां आए हैं। ईसागढ़ का माल है। जिसे हम सेंपल करवाकर वापस भेज रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी देकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एके चांदिल अपर कलेक्टर अशोकनगर