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बेरोजगार युवाओं को 1 हजार इनाम देकर ठग लिए करोड़ों रुपए, ठगी का ये तरीका चौंका देगा

Cyber Fraud : डिजिटल डकैती का भांडाफोड़। करोड़ों के ट्रांजेक्शन का सच उगलवाने में जुटी पुलिस, साइबर ठगों और बैंक खाता सौदागरों के सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की तैयारी। मामले की जांच में जुटी एसआइटी।

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Cyber Fraud

बेरोजगार युवाओं से साइबर ठगी का अजीब मामला (Photo Source- Input)

Cyber Fraud :मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में उजागर हुए बैंक खाता फर्जीवाड़े और इनकी बिक्री के खुलासे ने सिस्टम को चौंका दिया है। महज एक हजार रुपए का लालच देकर बेरोजगार युवाओं के 70 से अधिक बैंक खाते खोलने और उन्हें 10-10 हजार रुपये में साइबर ठगों को बेचने के इस सनसनीखेज मामले की अब परत-दर-परत जांच होगी। मामले की गंभीरता और इसमें करोड़ों रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को देखते हुए एसपी राजीवकुमार मिश्रा ने एसआइटी गठित कर दी है। जो इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड, नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों और पैसों के लेनदेन को खंगालेगी।

कोतवाली पुलिस ने हाल ही में एक कियोस्क संचालक और पेटीएम कर्मचारियों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर इस बड़े साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था। ये लोग गरीब और बेरोजगार युवाओं के आधार-पैन कार्ड लेकर बिना उनकी जानकारी के उनके जियो ऑनलाइन बैंक खाते खोल देते थे और फिर इन खातों को साइबर ठगों को बेच देते थे। रौनक यादव नामक युवक की शिकायत के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े से पर्दा उठा, जिसमें पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

एसआइटी के हवाले जांच, तकनीकी साक्ष्यों पर रहेगा जोर

चूंकि मामला देशव्यापी साइबर धोखाधड़ी और बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हो सकता है, इसलिए एसपी ने इस प्रकरण के त्वरित निराकरण, बचे हुए आरोपियों की धरपकड़ और गहन विवेचना के लिए आठ सदस्यीय एसआइटी गठित की है। साथ ही एसआइटी को प्रकरण में तकनीकी साक्ष्यों और साइबर विश्लेषण का बारीकी से उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।टीम का लक्ष्य गिरोह के अन्य अज्ञात सदस्यों की पहचान करना, उनके ठिकानों पर दबिश देना और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है।

बैंकों के ट्रांजेक्शन और मोबाइल डेटा उगलेंगे राज

गिरफ्तार आरोपियों के पास से जो मोबाइल और दस्तावेज जब्त हुए हैं, उनकी फोरेंसिक और तकनीकी जांच से कई सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है। एसआइटी अब उन 70 फर्जी खातों की बैंक स्टेटमेंट खंगालेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन खातों के जरिए देश के किन-किन हिस्सों से साइबर ठगी का कितना पैसा मंगाया गया और आगे कहां ट्रांसफर किया गया।

एसआइटी में पुलिस की ये टीम शामिल

इस हाई-प्रोफाइल मामले की तह तक जाने के लिए एसआइटी में जिले के अनुभवी और साइबर मामलों के जानकारों को शामिल किया गया है। कोतवाली प्रभारी रविप्रताप सिंह चौहान टीम का नेतृत्व करेंगे। प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक नरेश रावत साइबर और तकनीकी जांच संभालेंगे। एसआइ आशुतोष गुप्ता, एसआई मसी खान, एएसआइ विनोद तिवारी, देशराज भील, प्रधान आरक्षक नवल शर्मा, आरक्षक राजू रघुवंशी टीम में शामिल हैं।