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MP News- मुंडन करा नर्मदा में उतर गए नगरपरिषद अध्यक्ष, जीते जी खुद का कर दिया पिंडदान

Shadora Nagar Parishad -शाढ़ौरा नगर परिषद अध्यक्ष अशोक माहौर ने नर्मदा में खुद का तर्पण किया, पार्षदों ने कहा-आरोपों से बचने, जनता का ध्यान भटकाने में लगे अध्यक्ष

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Shadora Nagar Parishad President Ashok Mahor performed his own Tarpan in Narmada

Shadora Nagar Parishad President Ashok Mahor performed his own Tarpan in Narmada- Demo pic

Shadora Nagar Parishad - अक्सर विवादों में रहने वाली नगर परिषद शाढ़ौरा एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। यहां के नगर परिषद अध्यक्ष अशोक माहौर ने जीते जी नर्मदा नदी में स्वयं का तर्पण किया। वे ओंकारेश्वर पहुंचे और मुंडन कराकर नर्मदा में खुद का पिंडदान किया। इससे जिले भर में सियासी हलचल तेज हो गई। बताया जा रहा है कि नगर परिषद अध्यक्ष ने विकास कार्य न किए जाने के विरोध में यह काम किया। इधर नागरिकों और कुछ पार्षदों का कहना है कि नगर परिषद अध्यक्ष अशोक माहौर भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए धार्मिक कृत्यों का सहारा ले रहे है। अध्यक्ष अपने कथित काले कारनामों की जांच से ध्यान भटकाने के लिए खुद का पिंडदान करने और धार्मिक परिक्रमा करने जैसे धार्मिक स्वांग कर रहे हैं।

नगर परिषद अध्यक्ष अशोक माहौर ने ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में पिंडदान की रस्म पूरी की। उन्होंने नदी में विधि विधान से पूजा अर्चना की और तर्पण किया। इस खबर के बाद नगर में राजनैतिक हलचल तेज हो गई।

सनातन धर्म में मौत के बाद और पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान व तर्पण किया जाता है

दरअसल सनातन धर्म में मौत के बाद और पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान व तर्पण किया जाता है। इन्हें पवित्र कृत्य माना गया है लेकिन अध्यक्ष माहौर ने नर्मदा नदी में खुद का जीते जी पिंडदान व तर्पण किया। इससे नई बहस छिड़ गई।

नागरिकों का कहना है कि अध्यक्ष द्वारा अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इधर वार्ड पार्षदों का आरोप है कि परिषद में चहेतों को उपकृत करने, भाई- भतीजावाद फैलाने और लाखों रुपए का डीजल डकार जाने के मामलों पर जब मुख्य नगर पालिका अधिकारी और उप अभियंता ने लिखित रिकॉर्ड मांगना शुरु किया, तो अध्यक्ष जांच से बचने के लिए इन कृत्यों में लिप्त हो गए।

परिक्रमा से केवल मन की शांति मिलती है

वार्ड 6 के पार्षद प्रतिनिधि नीतू शर्मा ने कहा कि अध्यक्ष कभी झूठी प्राथमिकी की धमकी देते हैं, तो कभी आत्महत्या का नाटक करते हैं। जब इससे बात नहीं बनी और 15 मई को मुख्य नगर पालिका अधिकारी के लिखित आदेश से कानूनी शिकंजा कसा, तो वे गिरराजजी की पैदल परिक्रमा करने निकल गए। नीतू शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि परिक्रमा से मन को शांति मिल सकती है, लेकिन जनता के हक के भ्रष्टाचार के दाग नहीं धुलेंगे।

वार्ड 7 के पार्षद राकेश रघुवंशी ने अध्यक्ष से धर्म के पीछे छिपकर अपने गुनाह न छिपाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनता इस धार्मिक ब्लैकमेलिंग को समझ चुकी है। यदि अध्यक्ष बेदाग हैं, तो वे परिषद के खर्चों और डीजल के बिलों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखें। शाढ़ौरा में रुके हुए विकास कार्यों की आवश्यकता है।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी शमशाद पठान ने बताया कि उन्होंने समस्त कर्मचारियों को पूर्व में लिखित आदेश जारी किया है, जिसमें अध्यक्ष द्वारा बताए गए कार्यों का लेखा- जोखा रखने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियां न बनें। उप अभियंता आजाद जैन ने कहा कि अध्यक्ष शहर के प्रथम नागरिक हैं और उनके बताए कामों को प्राथमिकता दी जाती है। आपसी समन्वय से कई निर्माण कार्य संपन्न भी कराए गए हैं।