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शराब कारोबार पर भिड़े एमपी के दो मंत्री, सवाल उठाने के बाद ‘भूमिगत’ हुईं मंत्री संपतिया

Nagar Singh Chouhan- मंत्री संपतिया ने संगठन के सामने मंत्री नागर सिंह के शराब कारोबार पर खुलेआम सवाल खड़े किए। वरिष्ठ नेताओं से साफ कह दिया कि नागर का शराब का कारोबार है, इसलिए समन्वय का सवाल ही नहीं

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Dispute between MP Ministers Sampatiya Uike and Nagar Singh Chouhan

Dispute between MP Ministers Sampatiya Uike and Nagar Singh Chouhan

मध्यप्रदेश में विवादों से घिरे मंत्रियों की सूची लंबी होती जा रही है। अब राज्य के दो वरिष्ठ मंत्री ही आमने सामने हो गए हैं। नया विवाद प्रदेश के दो कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके और नागर सिंह चौहान के बीच सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि मंत्री संपतिया ने संगठन के सामने वन-टू-वन बैठक में मंत्री नागर सिंह के शराब कारोबार पर खुलेआम सवाल खड़े किए। उन्होंने सत्ता और संगठन के वरिष्ठ नेताओं से साफ कह दिया कि नागर का शराब का कारोबार है, इसलिए समन्वय का सवाल ही नहीं उठता। इससे मंत्री नागर सिंह चौहान गुस्सा उठे हैं। इधर सवाल उठाने के बाद मंत्री संपतिया उइके को भी जवाब नहीं सूझ रहा। ऐसे में भूमिगत हो गई हैं।

बता दें, मंत्री संपत्तिया उइके के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में भी करोड़ों की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। इसके लिए उन्हें विधानसभा में जवाब तक देना पड़ा था। यहां तक कि केंद्र को मप्र के हिस्से की राशि होल्ड करनी पड़ी।

कांग्रेस से आए रामनिवास रावत को वन-पर्यावरण विभाग देने पर भोपाल से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया था

उधर मंत्री नागर सिंह चौहान भी बेहद विवादित रहे हैं। कांग्रेस से आए रामनिवास रावत को वन-पर्यावरण विभाग देने पर उन्होंने भोपाल से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया था। मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई का जनपद सीईओ के साथ विवाद भी सुर्खियों में रह चुका है। हालांकि तब मंत्री ने भाई से खुद को अलग बताया था।

नागर की आपत्ति- मेरे खिलाफ षड्यंत्र हो रहा

वन-टू-वन बैठक से पहले संगठन की ओर से 10-10 बार मंत्रियों को कहा था कि 6 लोगों के बीच होने वाली बातचीत का कोई भी अंश बाहर न निकले लेकिन संगठन की यह बात बेअसर रही। मंत्री नागरसिंह चौहान और मंत्री संपतिया उइके का विवाद मीडिया में आ गया।

मंत्री नागर सिंह चौहान इस पर गुस्सा उठे हैं। सोमवार को पूरे दिन वे उखड़े उखड़े रहे। सूत्रों के मुताबिक नागर सिंह चौहान ने संगठन के सामने गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है कि उन्हें लेकर मंत्री संपतिया के हवाले से जो प्रचार- प्रसार जा रहा है, उसका पटाक्षेप किया जाए।

भूमिगत हो गई मंत्री संपतिया, कॉल रिसीव करना बंद कर दिया

संगठन ने मंत्री नागर सिंह चौहान को मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। कहा, मंत्री संपतिया ने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया है और वे भूमिगत हो गई हैं। संगठन भी पशोपेश में है कि बातें लीक कैसे हुईं। अब सच व झूठ पर कोई स्पष्टीकरण देने सामने नहीं आ रहा है।