
मुंगावली में हैरतंगेज घटना (Photo Source- Input)
Mysterious Fire : विज्ञान के इस दौर में क्या कोई ऐसा अदृश्य साया या प्राकृतिक घटना हो सकती है जो किसी इंसान का पीछा करते हुए जहां वो जाए वहां आग लगा दे? आपको अपने आंख, कान, दिल, दिमाग पर जरा भी यकीन नहीं होगा, लेकिन मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की मुंगावली तहसील के अंतर्गत आने वाले बाढ़ौली गांव में पिछले 15 दिन से एक ऐसा ही हैरतअंगेज और खौफनाक मंजर देखने मिल रहा है, जिसने न सिर्फ ग्रामीणों की नींद उड़ा रखी है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों और वैज्ञानिकों के लिए भी एक बड़ी पहेली खड़ी कर दी है।
आपको बता दें कि, बाढ़ौली गांव में रहने वाले 55 वर्षीय राजेश राजपूत के 15 सदस्यों के संयुक्त परिवार के साथ आग का एक ऐसा अंतहीन और डरावना सिलसिला शुरू हुआ है, जो थमने का नाम नहीं ले रहा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि, घर में रखे अनाज, ओढ़ने-पहनने के कपड़े, बर्तन, पेटी, यहां तक कि, बच्चों के खिलौनों और किताबों में भी अचानक आग लग जाती है। हैरत की बात ये कि, जहां कोई बिजली का तार या शॉर्ट सर्किट की दूर-दूर तक गुंजाइश नहीं है, वहां भी लपटें उठने लगती हैं। हद तो तब हो गई जब घर में रखी बिना बिजली के ही मिक्सी, लोहे की मोटरों और बाहर खड़े ट्रैक्टर ने भी अचानक आग पकड़ ली। पीडि़तों के मुताबिक, आग लगने से ठीक पहले अजीब सी बदबू आती है, धुआं उठता है और कोई भी चीज धू-धू कर जलने लगती है। यही नहीं, घर में खेल रहे 3 साल के बच्चे और 15-16 साल की बच्चियों के कपड़ों में अचानक आग लग गई, जिन्हें ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते बुझाया, तब कहीं जाकर उनकी जान बच सकी।
इस दहशत के चलते जब पीड़ित परिवार की महिलाओं और बच्चों को करीब 50 मीटर दूर स्थित एक पुराने कच्चे मकान में शिफ्ट किया गया। हैरानी की बात ये रही कि, वहां जाकर बैठते ही उस मकान में भी आग लग गई। छप्पर पर बिछी काली तिरपाल पर आग की लपटें और घर में धुआं उठता देख मुंगावली थाना प्रभारी अरविंद सिंह मुंह पर रूमाल बांधकर अंदर घर में घुसे और परिजन को सुरक्षित बाहर निकाला। जानकारी मिलते ही मुंगावली एसडीएम इसरार खान भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने परिवार को मुंगावली की धर्मशाला में रुकने का प्रस्ताव दिया, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया। बताया जा रहा है कि यह परिवार जहां पहुंच रहा है, आग वहीं प्रकट हो जा रही है। 15 दिन में करीब 50 बार आग लगने से इस परिवार का राशन, कपड़े और जमापूंजी सब जलकर खाक हो चुके हैं और अब यह संपन्न परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
शुरुआत में ये घटनाएं सिर्फ मंगलवार को होती थीं, लेकिन जब परिवार ने इसे दैवीय प्रकोप मानकर तंत्र-मंत्र का सहारा लिया तो अब ये सिलसिला रोजाना का हो गया। अब दिन में कई बार सूखते कपड़ों, तिरपाल और बिस्तरों में आग लग रही है। अंधविश्वास के बीच इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर वैज्ञानिक कारणों की तलाश शुरू हो गई है। एसडीएम ने भू-विज्ञानियों से चर्चा की है, जिससे ये माना जा रहा है कि, इस रहस्य को जानने वैज्ञानिकों की टीम जल्द ही गांव आ सकती है।
राजेश राजपूत पीड़ित गृहस्वामी हमारे घर के सामान में बीते करीब 15 दिनों से लगातार आग लग रही है। पूरा परिवार और आसपास के लोग दहशत में जी रहे हैं। अचानक घर में कहीं पर भी आग लग जाती है। एसडीएम और थाना प्रभारी ने खुद मौके पर आकर देखा, उनके सामने भी अचानक आग भड़क उठी थी।
मुंगावली एसडीएम इसरार खान का कहना है कि, सूचना मिलते ही मैं और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे थे। घटना का वास्तविक कारण अभी अज्ञात है। आग को घटना को लेकर प्रशासन 24 घंटे अलर्ट पर है। सुरक्षा के लिहाज से परिवार को मुंगावली में धर्मशाला में रुकने की व्यवस्था की गई है।
मुंगावली थाना प्रभारी अरविंद सिंह का कहना है कि, ये पूरा मामला रहस्य बना हुआ है। जब मैं और एसडीएम साहब मौके पर पहुंचे तो कच्चे घर की छत पर लगी तिरपाल में लपटें उठने लगीं और धुंआ भर गया। हमने तत्परता से परिवार को बाहर निकाला। मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच की जा रही है।
Published on:
19 May 2026 12:37 pm
बड़ी खबरें
View Allअशोकनगर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
